एक शब्द बदला और उड़ गए 10 लाख रुपये, महाराष्ट्र में साइबर फ्रॉड के अनोखे मामले से पुलिस भी हैरान

ईमेल एड्रेस में महज एक अक्षर का मामूली बदलाव किसी कंपनी को लाखों रुपये की चपत कैसे लगा सकता है, इसका एक हैरान करने वाला मामला महाराष्ट्र से सामने आया है। पुणे की एक इंजीनियरिंग कंपनी के साथ हुई इस धोखाधड़ी में जालसाजों ने सिर्फ ‘o’ की जगह ‘a’ यानी ‘.com’ की जगह ‘.cam’ लिखकर 10 लाख रुपये से अधिक की रकम उड़ा ली। साइबर फ्रॉड की इस अनोखी मोड्स ऑपरेंडी को सुरक्षा की भाषा में ‘मैन-इन-द-मिडल’ हमला या बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज (BEC) कहा जाता है।
ठगों ने कैसे दिया ठगी को अंजाम?
इस बेहद शातिराना खेल में ठग असली ईमेल आईडी से मिलता-जुलता डोमेन बनाकर कंपनी के अधिकारियों को चकमा देने में कामयाब रहे और पूरी रकम दुबई के एक बैंक खाते में ट्रांसफर करवा ली। पुणे के कालेपडल के हांडेवाड़ी रोड क्षेत्र में स्थित यह पीड़ित कंपनी पॉलीमर उत्पादों के निर्माण का काम करती है। यह कंपनी अपनी मुख्य कच्ची सामग्री चीन की एक सप्लायर कंपनी से आयात करती है। नियमित रूप से होने वाले इस व्यापार के सिलसिले में शिकायतकर्ता, जो कंपनी में 25 वर्षीय अकाउंट्स एक्जीक्यूटिव है, चीनी कंपनी के आधिकारिक ‘.com’ डोमेन एक्सटेंशन वाले ईमेल आईडी से लगातार संपर्क में था। दोनों कंपनियों के बीच ईमेल के जरिए ही ऑर्डर और भुगतान से जुड़े सभी पत्राचार होते थे। इसी नियमित बातचीत के बीच में सेंध लगाकर साइबर ठगों ने इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। कुछ दिनों पहले पीड़ित अकाउंट्स एक्जीक्यूटिव को एक ईमेल मिला जो बिल्कुल चीनी सप्लायर के ईमेल जैसा ही दिख रहा था। इसका यूजरनेम और मुख्य डोमेन नाम हूबहू वही था, लेकिन डोमेन के अंत में चालाकी से ‘.com’ की जगह ‘.cam’ कर दिया गया था। इस मामूली से बदलाव पर शिकायतकर्ता का ध्यान नहीं गया। इस फर्जी ईमेल में ठगों ने झांसा दिया कि चीनी कंपनी के नियमित बैंक खाते का इस समय ऑडिट चल रहा है, इसलिए इस बार ऑर्डर का भुगतान उनके दुबई स्थित एक दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाए।
ऐसे हुआ कंपनी को ठगी का अहसास
इस ईमेल को पूरी तरह असली मानकर अकाउंट्स एक्जीक्यूटिव ने बिना कोई अन्य वेरिफिकेशन किए बताए गए दुबई वाले खाते में 10.45 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब कुछ हफ्तों बाद असली चीनी कंपनी से एक ईमेल आया, जिसमें पूछा गया कि ऑर्डर का भुगतान अभी तक क्यों नहीं किया गया है। जब पुणे की कंपनी ने जवाब में दुबई के खाते में पैसे भेजने की बात कही, तो चीनी सप्लायर ने ऐसे किसी भी ईमेल या दुबई के खाते के संबंध में कोई भी निर्देश देने से पूरी तरह इनकार कर दिया। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। फिलहाल पुणे के कालेपडल पुलिस स्टेशन में इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस तकनीकी जांच के जरिए अपराधियों और उन खातों का पता लगाने की कोशिश कर रही है जहां यह पैसा ट्रांसफर हुआ है।



