हैदराबाद से शुरू हुआ भारत–कज़ाख़स्तान–बेलारूस सहयोग का नया अध्याय
सीताराम मेवाती
हैदराबाद में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक ने भारत, कज़ाखस्तान और बेलारूस को पर्यटन, विमानन और सांस्कृतिक सहयोग के नए अवसरों की ओर अग्रसर किया। यह बैठक कज़ाखस्तान के मानद कौंसल जनरल डॉ. नवाब मीर नासिर अली खान के ज़ानाडू आवास पर हुई l इस बैठक में अनेकों अति विशिष्ट व्यक्तियों ने हिस्सा लिया जिनमे राजनयिकों, उद्योगपतियों और पर्यटन जगत से जुड़े विशेषज्ञ सम्मिलित हुए l बैठक की शुरुआत हवाई संपर्क बढ़ाने पर हुई। प्रतिनिधियों ने कहा कि मजबूत विमानन नेटवर्क यात्रियों की आवाजाही के साथ व्यापार और आर्थिक सहयोग को भी बढ़ावा देगा। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन बाजार का विस्तार होगा, व्यावसायिक साझेदारियां बनेंगी और आपसी संबंध गहरे होंगे। इस बैठक में पर्यटन का विषय प्रमुख केंद्र रहा। वक्ताओं ने माना कि क्षेत्र के नए और पुराने पर्यटन स्थलों में अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें साझा प्रयासों से विकसित किया जा सकता है। इससे न केवल क्षेत्रीय एकीकरण को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को भी मजबूती मिलेगी। सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सहयोग का अहम स्तंभ बताया गया। बेलारूस के मुंबई स्थित कौंसल जनरल अलेक्ज़ांडर मात्सुको ने कहा, “बेलारूस भारत और कज़ाखस्तान के साथ पर्यटन और विमानन में साझेदारी मजबूत करना चाहता है। बेहतर संपर्क और सांस्कृतिक सहयोग से लोग और करीब आएंगे और व्यवसाय के नए अवसर बनेंगे।”
डॉ. नवाब मीर नासिर अली खान ने कहा, “हैदराबाद भारत और उसके साझेदार देशों के बीच संवाद का विशेष मंच है। पर्यटन, विमानन और संस्कृति में सहयोग हमारे रिश्तों को और गहरा करेगा और अर्थव्यवस्था को ठोस अवसर देगा।” कज़िन डीएमसी, एयर अस्ताना और स्काल इंटरनेशनल जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने यात्रा की बदलती प्रवृत्तियाँ और सरकारी–निजी भागीदारी की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। यह बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई और इसे त्रिपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना गया। कूटनीति और उद्योग जगत के संयुक्त प्रयास से तीनों देश अब पर्यटन, विमानन और संस्कृति में सहयोग बढ़ाकर आर्थिक और सामाजिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने के लिए तैयार हैं।



