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पाकिस्तान के खिलाफ कैसा है जो रूट का रिकॉर्ड? जानें लीड्स टेस्ट से पहले क्या बोले इंग्लिश कप्तान

इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला बुधवार से लीड्स में शुरू होगा। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के लिहाज से दोनों टीमों के लिए यह सीरीज बेहद महत्वपूर्ण है। इंग्लैंड जहां घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगा, वहीं पाकिस्तान भी चुनौती पेश करने के इरादे से उतरेगा। इस सीरीज के साथ जो रूट एक बार फिर इंग्लैंड की कप्तानी संभाल रहे हैं, ऐसे में उनकी बल्लेबाजी के साथ नेतृत्व क्षमता पर भी नजरें रहेंगी। 35 वर्षीय जो रूट मौजूदा समय के बेहतरीन टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल हैं। पाकिस्तान के खिलाफ भी उनका रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है। रूट ने 2015 से 2024 के बीच पाकिस्तान के खिलाफ 18 टेस्ट मैचों की 31 पारियों में 1,487 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से दो शतक और सात अर्धशतक निकले हैं। पाकिस्तान के खिलाफ उनका सर्वोच्च स्कोर 262 रन है, जो उनके टेस्ट करियर का भी सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 53.10 रहा है। ऐसे में इंग्लैंड को घरेलू मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ रूट से एक बार फिर बड़ी पारियों की उम्मीद होगी। कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी के बावजूद रूट टीम के लिए बल्ले से अहम भूमिका निभाना चाहेंगे।
 
दूसरी बार संभाल रहे हैं इंग्लैंड की कप्तानी
रूट इससे पहले इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी कर चुके हैं और 65 टेस्ट मैचों में टीम का नेतृत्व कर चुके हैं। अब वह एक बार फिर कप्तान की भूमिका में लौटे हैं। लीड्स टेस्ट से पहले अपनी वापसी और कप्तानी के अनुभव को लेकर रूट ने कहा, ‘जब मैंने पहली बार कप्तानी संभाली थी, तब की तुलना में मैं एक अलग खिलाड़ी और इंसान हूं। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं। मैं ऐसी जगह हूं जहां मुझे पीछे मुड़कर देखने के लिए 60 से ज्यादा मैचों का अनुभव है। कुछ चीजें हैं जिन्हें मैं बदलना चाहूंगा और थोड़ा अलग तरीके से करूंगा।’ रूट के लिए इस बार चुनौती अलग होगी। कप्तानी से दूर रहने के दौरान उन्होंने खेल को दूसरे नजरिए से देखने का समय पाया है और अब वह उसी अनुभव को नेतृत्व में इस्तेमाल करना चाहेंगे।
 
टेस्ट क्रिकेट खेलने का कोई एक तरीका नहीं
बेन स्टोक्स और ब्रैंडन मैकुलम की कप्तान-कोच की जोड़ी का कार्यकाल खत्म होने के बाद इंग्लैंड की टेस्ट टीम में नए दौर की शुरुआत हो रही है। ऐसे में यह सवाल भी है कि क्या टीम अपने आक्रामक खेलने के अंदाज में बदलाव करेगी। रूट ने टीम के खेलने के तरीके को लेकर कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि हमें बहुत कुछ बदलने की जरूरत है। छोटी-छोटी चीजें ही बड़ा बदलाव ला सकती हैं। मुझे लगता है कि यह उन अच्छी चीजों को बनाए रखने के बारे में है जो हम कुछ समय से कर रहे हैं, वो चीजें जो बेन और बाज ने लंबे समय तक बनाई हैं। मुझे नहीं लगता कि टेस्ट क्रिकेट खेलने का कोई एक तरीका है।’ उन्होंने कहा, ‘आपको परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालना होगा। पांच दिनों तक खेल कभी एक जैसा नहीं रहता। अलग-अलग चुनौतियां होती हैं और आपको पूरे समय उतार-चढ़ाव के साथ खुद को ढालना होता है।’ रूट ने कहा कि कप्तानी से दूर रहने के दौरान उन्हें अलग माहौल और अलग नजरिए से खेल को समझने का मौका मिला। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास एक कदम पीछे हटने, अलग माहौल और अलग कोच के साथ खेलने तथा खेल को एक अलग नजरिए से देखने का समय था। कई मायनों में मैं किसी भी दूसरे इंग्लैंड कप्तान जितना ही तैयार महसूस करता हूं जो पहले रहा हो, और इतना अनुभव होना बहुत कीमती है।’ अब लीड्स में पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट में रूट के सामने कप्तानी और बल्लेबाजी, दोनों मोर्चों पर खुद को साबित करने की चुनौती होगी।

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