Latest newsPodcast

असम में कांग्रेस की रैली, राहुल ने संविधान का जिक्र कर लिए अदाणी-पतंजलि के नाम; सरकार को घेरा

लोकसभा विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी चुनाव प्रचार के लिए असम पहुंचे है। इस दौरान उन्होंने कार्बी आंगलोंग में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। राहुल गांधी ने कहा, असम फूलों का एक गुलदस्ता है, जिसमें अलग-अलग धर्म, जाति और विचारधाराओं के लोग साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कांग्रेस की सोच है, हिंदुस्तान की जनता के हाथ में असली ताकत हो, देश को चलाने में हर वर्ग को भागीदारी मिले। दूसरी तरफ भाजपा की विचारधारा है कि असम को दिल्ली से चलाया जाए। राहुल के अनुसार, यही लड़ाई चल रही है। राहुल गांधी ने कहा कि हमने अनुच्छेद 244ए इसलिए लागू किया क्योंकि हमारा मानना है कि फैसले स्थानीय स्तर पर होने चाहिए। ये फैसले गुवाहाटी या दिल्ली से नहीं, बल्कि यहीं आपके नेता और परिषदें लें। यही हमारे और उनके बीच का फर्क है। आपको लगता है कि फैसलों का सिलसिला गुवाहाटी से शुरू होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आपकी जमीन छीनकर अडानी को अंबानी और पतंजलि बीघा जमीन दे दी गई। हजारों बीघा जमीन दूसरी बड़ी कंपनियों को भी मिली है। आपको यह समझना होगा कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। कुछ दिन पहले नरेंद्र मोदी ने भारत और अमेरिका के बीच एक समझौते पर दस्तखत किए। आप सोच रहे होंगे कि मैं यहां इसकी बात क्यों कर रहा हूं। आपको यह समझना होगा कि दबाव कहां से आ रहा है। उस समझौते में भारत की खेती-किसानी के रास्ते इस तरह खोले गए हैं, जिसका बुरा असर हमारे किसानों पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, आज अगर भारत रूस, ईरान या इराक जैसे देशों से तेल खरीदना चाहता है, तो उसे डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका से इजाजत लेनी पड़ती है। हम बिना पूछे तेल नहीं खरीद सकते। नरेंद्र मोदी ने भारत का डेटा डोनाल्ड ट्रंप को सौंप दिया है। अब वे अपनी मर्जी से इस डेटा का इस्तेमाल कर सकते हैं या इसे जमा रख सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी ने वादा किया है कि

भारत हर साल अमेरिकी कंपनियों से 9 लाख करोड़ रुपये का सामान खरीदेगा। इससे हमारे छोटे कारोबारों और उद्योगों को भारी नुकसान होगा। भारत ने अमेरिका को बहुत कुछ दिया है, लेकिन बदले में हमें कुछ नहीं मिला। हमारे टैक्स बढ़ गए हैं, हमारा डेटा साझा हो गया है और तेल खरीदने के विकल्प कम हो गए हैं। सवाल यह है कि यह सौदा क्यों हुआ? राहुल गांधी के अनुसार, यह इसलिए हुआ क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप नरेंद्र मोदी को नियंत्रित करते हैं।

Related Articles

Back to top button