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बरसात में गलती से भी इन 7 पेड़ों को न लगाएं, सांपों का बन जाता है अड्डा

बरसात का मौसम हरियाली और ताजगी लेकर आता है, लेकिन इसी के साथ बढ़ता है सांपों का खतरा। बारिश में जमीन गीली हो जाती है, बिलों में पानी भर जाता है और सांप निकलकर सूखे और गर्म स्थानों की तलाश में घरों की ओर रुख करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ खास पेड़ और पौधे ऐसे हैं जो सांपों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं? बारिश के मौसम में सांप अक्सर इन पेड़ों की जड़ों, झाड़ियों और छालों में छिप जाते हैं या लिपटकर आराम करते हैं। अगर आप अपने घर, खेत, बगीचे या ऑफिस के आसपास इन पौधों को लगाते हैं तो आपको सावधान होने की जरूरत है। प्राकृतिक हरियाली हमारी जिंदगी में सुकून लाती है, लेकिन अगर सावधानी न बरती जाए तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। इस मानसून में अपने घर और आसपास के गार्डन या खेत में इन पौधों को पहचानें और उनसे उचित दूरी बनाए रखें। केले का पौधा सांपों का सबसे पसंदीदा ठिकाना होता है। केले का पेड़ गीला, छायादार और मुलायम होता है, जो सांपों को बेहद पसंद आता है। बारिश के दिनों में इसकी जड़ें और तनों के बीच की जगह सांपों के छिपने के लिए आदर्श बन जाती है। ऐसे में केले के पौधे को घर के बहुत पास न लगाएं। बड़े पौधों में ये आसानी से छिप जाते हैं। पीपल और बरगद का पेड़ गर्मी में छांव देने के साथ ही खतरे का घर भी होते हैं। ये दोनों पेड़ अपने मोटे तनों और हवाई जड़ों के कारण सांपों को छिपने और ऊपर चढ़ने के लिए सबसे उपयुक्त लगते हैं। बारिश में इनकी नमी और अंधेरा सांपों को बहुत भाता है। बरसात के मौसम में इन पेड़ों के पास जाने से बचें और सावधानी रखें।

बांस का झाड़
बांस के पेड़ घने होते हैं और इनके नीचे की ज़मीन अक्सर नम रहती है। यह माहौल सांपों को बिल बनाने या आराम करने के लिए उपयुक्त लगता है। कई बार सांप बांस के खोखले हिस्से में भी छिप जाते हैं। ये सांप के लिए बिल या सुरंग जैसा होता है। इसलिए बांस को गार्डन में न लगाएं। बारिश में बांस के पेड़ों में सांप छिपे हो सकते हैं। तुलसी का पौधा आस्था से जुड़ा है और पवित्र माना जाता है, लेकिन इसके आस-पास झाड़ियां या घास उग जाएं तो वो सांपों के छिपने की जगह बन जाती हैं। खासकर जब आप तुलसी के पास गमलों या बेकार चीज़ों को जमा करते हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में विशेष तौर पर तुलसी के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।नीम एंटीबैक्टीरियल होने के बावजूद सांपों को गर्म और सुरक्षित माहौल देता है, खासकर जब इसके नीचे सूखी पत्तियाँ जमा हो जाती हैं। नीम के पेड़ पर सांप डेरा जमा सकते हैं। इसलिए अगर घर के आसपास या गार्डन में नीम लगी हो तो नियमित साफ-सफाई जरूर रखें। ये ऊंचे और घने पेड़ बारिश में सांपों के लिए सुरक्षित स्थान बन जाते हैं। इन पेड़ों पर चढ़ने या झाड़ियों में छिपने के लिए मानसून का मौसम उपयुक्त समय होता है। इसलिए इन पेड़ों को मुख्यद्वार या खिड़की के पास न लगाएं। कनेर जैसे फूलदार पौधे और जिन पौधों से दूध निकलता है, वे भी सांपों को आकर्षित करते हैं। इनमें घनी पत्तियां और छिपने की पर्याप्त जगह होती है। घर पर इन पेड़ों को लगाने से बचें। साथ ही घर के आसपास ऐसे पौधे लगे हैं तो बच्चों को दूर रखें।
बांस के पेड़ घने होते हैं और इनके नीचे की ज़मीन अक्सर नम रहती है। यह माहौल सांपों को बिल बनाने या आराम करने के लिए उपयुक्त लगता है। कई बार सांप बांस के खोखले हिस्से में भी छिप जाते हैं। ये सांप के लिए बिल या सुरंग जैसा होता है। इसलिए बांस को गार्डन में न लगाएं। बारिश में बांस के पेड़ों में सांप छिपे हो सकते हैं। तुलसी का पौधा आस्था से जुड़ा है और पवित्र माना जाता है, लेकिन इसके आस-पास झाड़ियां या घास उग जाएं तो वो सांपों के छिपने की जगह बन जाती हैं। खासकर जब आप तुलसी के पास गमलों या बेकार चीज़ों को जमा करते हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में विशेष तौर पर तुलसी के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।नीम एंटीबैक्टीरियल होने के बावजूद सांपों को गर्म और सुरक्षित माहौल देता है, खासकर जब इसके नीचे सूखी पत्तियाँ जमा हो जाती हैं। नीम के पेड़ पर सांप डेरा जमा सकते हैं। इसलिए अगर घर के आसपास या गार्डन में नीम लगी हो तो नियमित साफ-सफाई जरूर रखें। ये ऊंचे और घने पेड़ बारिश में सांपों के लिए सुरक्षित स्थान बन जाते हैं। इन पेड़ों पर चढ़ने या झाड़ियों में छिपने के लिए मानसून का मौसम उपयुक्त समय होता है। इसलिए इन पेड़ों को मुख्यद्वार या खिड़की के पास न लगाएं। कनेर जैसे फूलदार पौधे और जिन पौधों से दूध निकलता है, वे भी सांपों को आकर्षित करते हैं। इनमें घनी पत्तियां और छिपने की पर्याप्त जगह होती है। घर पर इन पेड़ों को लगाने से बचें। साथ ही घर के आसपास ऐसे पौधे लगे हैं तो बच्चों को दूर रखें।



