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स्थानीय निकाय चुनाव में निर्विरोध जीत पर बोले मंत्री बावनकुले- लोकतंत्र के लिए अच्छा

महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को कहा कि नगर निगम चुनावों में निर्विरोध जीत लोकतंत्र के लिए अच्छी है। वहीं, विपक्षी दल जो अपने लिए न्याय की मांग करना चाहते हैं, वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। चिकालथाना हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि ऐसा कोई लिखित नियम नहीं है कि निर्विरोध चुनाव नहीं होने चाहिए। चुनाव आयोग ने इसकी अनुमति दी है। बावनकुले की ये टिप्पणियां शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा राज्य चुनाव आयोग से 15 जनवरी को हुए नगर निगम चुनावों से पहले 68 नगर निगम वार्डों में सत्तारूढ़ महायुति पार्टी के उम्मीदवारों को निर्विरोध विजेता घोषित किए जाने के परिणामों को रद्द करने की अपील और इस चेतावनी के बाद आई हैं कि लोकतंत्र को भीड़तंत्र द्वारा कुचला नहीं जाना चाहिए। राज्य के राजस्व मंत्री ने कहा कि अगर कहीं निर्विरोध चुनाव हो रहे हैं, तो यह एक अच्छी बात है। निर्विरोध जीतने वालों का एजेंडा विकास है।

राज ठाकरे ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया

एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार को भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भगवा पार्टी ने पश्चिम बंगाल में भी इसी तरह के मामलों में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जहां स्थानीय निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ दल के उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे। बावांकुले ने आगे कहा कि वह एमएनएस चाहें तो अदालत का रुख कर सकते हैं और न्याय मांग सकते हैं। निर्विरोध चुनाव जीतना लोकतंत्र के लिए अच्छा है। उन्होंने कहा कि अतीत में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं, जब स्थानीय शासी निकायों और ग्राम पंचायतों में उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। ठाकरे परिवार के चचेरे भाइयों पर कटाक्ष करते हुए बावाकुले ने कहा कि ये दोनों रैलियों में भीड़ जुटा सकते हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि ये भीड़ वोटों में तब्दील हो। उन्होंने वीबीए नेता शुजात अंबेडकर के उस बयान पर भाजपा का रुख भी स्पष्ट किया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि नगर निगम चुनाव के बाद कांग्रेस सांसद प्रणिति शिंदे सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल हो जाएंगी। उन्होंने कहा, “प्रणिति शिंदे ने अभी तक किसी भी भाजपा नेता से संपर्क नहीं किया है। इस तरह के आरोप लगाकर किसी के राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाना ठीक नहीं है।”

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