वैज्ञानिकों ने ढूंढ ली कारगर दवा, हफ्ते भर में ब्लड प्रेशर को कर देगी मैनेज; हार्ट अटैक से भी होगा बचाव

हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) की समस्या आज के समय में काफी आम है। अब ये सिर्फ उम्र बढ़ने के साथ होने वाली दिक्कत नहीं रह गई है, 20 से कम उम्र के लोग भी इसका शिकार देखे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, उच्च रक्तचाप का कोई इलाज नहीं है, इसे बस लाइफस्टाइल-आहार में सुधार के साथ कुछ दवाओं के साथ नियंत्रित किया जा सकता है। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत होती है उन्हें निरंतर इसे कंट्रोल करने के उपाय करते रहना चाहिए, क्योंकि इसकी अनियंत्रित स्थिति हृदय स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। हाई ब्लड प्रेशर को हार्ट अटैक और स्ट्रोक का प्रमुख कारण माना जा रहा है। इस बढ़ती समस्या के बारे में लोगों को जागरूक करने और इससे बचाव को लेकर लोगों को सावधान करने के उद्देश्य से हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (विश्व उच्च रक्तचाप दिवस) मनाया जाता है। ब्लड प्रेशर की समस्या को कैसे कम किया जा सकता है, इसका क्या इलाज हो सकता है इस बारे में शोधकर्ताओं को एक बड़ी कामयाबी मिली है। वैज्ञानिकों की टीम ने एक आशाजनक नई चिकित्सा खोज की है, जिससे सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर को काफी कंट्रोल किया जा सकता है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अनियंत्रित या उपचार-प्रतिरोधी उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए इसे काफी असरदार बताया है, जिसकी मदद से न सिर्फ ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है, साथ ही ये हाई ब्लड प्रेशर के कारण होने वाली कई तरह की गंभीर समस्याओं- जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को भी कम कर सकती है।
लोरुंड्रोस्टैट नामक की इस दवा के क्लीनिकल ट्रायल्स में अच्छे परिणाम देखे गए हैं। न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित इस अध्ययन में पाया गया कि जिन प्रतिभागियों को ये दवा (लोरुंड्रोस्टैट) दी गई, उनमें सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में औसतन 15 प्वाइंट्स की कमी देखी गई, जबकि प्लैसीबो लेने वालों में ब्लड प्रेशर 6-7 प्वाइंट्स तक ही कम हुआ।
यूसी सैन डिएगो स्कूल ऑफ मेडिसिन में अध्ययन के मुख्य लेखक और हृदय रोगों के विशेषज्ञ माइकल विल्किंसन कहते हैं, यह अध्ययन उन व्यक्तियों में रक्तचाप को कम करने में एक नई और प्रभावी दवा के प्रभाव को जानने के लिए किया गया है, जिनका ब्लड प्रेशर मौजूदा दवाओं के साथ ठीक तरीके से कंट्रोल नहीं हो पा रहा है। यू.एस. सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, अकेले अमेरिका में लगभग 120 मिलियन (12 करोड़) लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है। एल्डोस्टेरोन हार्मोन को हमारे ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण माना जाता है। जब यह असंतुलित हो जाता है तो इसके कारण हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। प्रोफेसर विल्किंसन ने कहा, हमने विशेष रूप से असंतुलित एल्डोस्टेरोन को कंट्रोल करने वाले तरीकों को समझने के लिए ये अध्ययन किया, जिसके परिणाम अच्छे देखे गए हैं।शोधकर्ताओं ने कहा, लोरुंड्रोस्टैट के अब तक के ट्रायल में आशाजनक परिणाम देखे गए हैं, इस आधार पर हमें उम्मीद है कि आगे के ट्रायल्स में भी हमें इसे और बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है। विशेषज्ञों ने बताया कि अगर इस दवा के ट्रायल्स अच्छे रहते हैं और इसके इस्तेमाल के लिए अनुमति मिलती है तो ये एक गंभीर और वैश्विक स्वास्थ्य समस्या की रोकथाम में मददगार हो सकता है। |



