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राजीव प्रताप रूडी विजेता, पहली बार शाह-नड्डा, सोनिया जैसे दिग्गजों ने भी डाले वोट

कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के सचिव पद के लिए हुए हाई प्रोफाइल और भाजपा बनाम भाजपा की जंग में एक बार फिर बाजी राजीव प्रताप रूडी के हाथ लगी। रूडी ने अपनी ही पार्टी के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान को हराकर इस पद पर ढाई दशक का अपना कब्जा बरकरार रखा। इस चुनाव ने कई कीर्तिमान बनाए। पहली बार चुनाव में डाक मत का ही प्रयोग नहीं हुआ, बल्कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिाकर्जुन खरगे, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई बड़ी सियासी हस्तियों ने मताधिकार का प्रयोग किया।
क्लब के चुनाव में अन्य किसी पद पर मतदान की नौबत नहीं आई। खेल सचिव पद पर राजीव शुक्ला, संस्कृति सचिव के पद पर तिरुचि शिवा ओर कोषाध्यक्ष के पद पर जितेंद्र रेड्डी निर्विरोध चुने हुए। हालांकि सचिव पद पर रूडी के खिलाफ उनकी ही पार्टी के बालियान ने नामांकन किया जिसके कारण चुनाव की नौबत आई। इसके बाद दोनों उम्मीदवारों के पक्ष में पार्टी लाइन से ऊपर उठ कर हुई खेमेबंदी ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया।कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया चुनाव जीतने पर भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि मैं 100 से अधिक वोटों से जीता हूं। अगर इसे 1000 मतदाताओं से गुणा किया जाए, तो यह संख्या 1 लाख हो जाती है। यह मेरे पैनल की जीत है। हर किसी ने अपनी पार्टी से उठकर अपना वोट डाला। मेरे पैनल में कांग्रेस, सपा, टीएमसी और निर्दलीय सांसद थे। मुझे पिछले दो दशकों में मेरे प्रयासों का परिणाम मिला है। रूडी ने चुनाव परिणाम का आधिकारिक एलान करते हुए बताया, 13 अगस्त के तड़के 4 बजे कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के चुनाव संपन्न हुए। इस चुनाव में कुल 1295 मतदाता थे। कुल 707 लोगों ने वोट डाले। बकौल रूडी, लगभग 52% मतदान के बाद उन्हें 391 वोट मिले। सचिव के रूप में वे विजेता रहे। प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी को 291 वोट मिले।
भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी की कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया चुनाव में जीत पर उनकी पत्नी नीलम प्रताप सिंह ने कहा कि कुछ पल बहुत तनावपूर्ण थे, लेकिन अब हम थोड़ा निश्चिंत हैं। हम सबके साथ जश्न मनाएंगे।

मतदान का बना नया कीर्तिमान
गौरतलब है कि कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में सचिव पद के लिए अब तक तीन बार चुनाव हुए हैं। तीनों ही चुनावों में औसतन सौ के करीब मतदाताओं ने ही वोट डाले। इस बार चौथे चुनाव में मामला हाई प्रोफाइल हो जाने के कारण रिकॉर्ड 707 मत पड़े। पहली बार 38 सदस्यों ने मतदान के लिए डाक मत का भी इस्तेमाल किया। 669 सदस्यों ने मौके पर जा कर वोट दिया। वोट देने वालों में मोदी सरकार के करीब-करीब सभी मंत्री, कांग्र्रेस समेत विपक्षी दलों के सभी दिग्गज नेता शामिल थे। गौरतलब है कि इस चुनाव में वर्तमान और पूर्व सांसद ही वोट डाल सकते हैं। इनकी संख्या करीब 1300 है।

दोनों ओर से दिग्गजों ने संभाला मोर्चा
दोनों उम्मीदवार भाजपा से होने के कारण इस बार चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया। रूडी के पक्ष में भाजपा के कुछ सांसदों के साथ कांग्रेस समेत विपक्षी दिग्गज नेताओं ने भी मोर्चा संभाला। वहीं, बालियान के पक्ष में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे जुटे हुए थे। दुबे को गृह मंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है। दुबे ने ने कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में दलालों के कब्जे का आरोप लगा कर सनसनी फैला दी थी। दूसरी ओर, रूडी के पक्ष में उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ नेता ने मोर्चा संभाला और राजपूत लॉबी भी सक्रिय हो गई। कई सदस्यों ने अपने-अपने करीबियों को फोन कर अपने पसंदीदा उम्मीदवार के लिए वोट डालने को मनाया। सचिव पद के चुनाव में 2009 में भी भाजपा बनाम भाजपा की जंग हुई थी। तब रूडी के सामने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद थे। तब भी जीत रूडी के हिस्से आई थी। रूडी 1999 में कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के पदेन सचिव नियुक्त किए गए थे। चुनाव की प्रक्रिया 2009 से शुरू हुई। वह तब से इस पद पर कायम हैं।

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