होर्मुज पर पूर्ण नियंत्रण व जहाजों से शुल्क वसूली चाहता है ईरान, इसके लिए बल प्रयोग को भी तैयार

अमेरिका और ईरान के बीच बुधवार को दोहा (कतर) में हुई तकनीकी बातचीत में होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पर सहमति और युद्धविराम सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। चर्चा की सीधी जानकारी रखने वाले सूत्र ने बताया कि ईरान होर्मुज पर पूर्ण नियंत्रण और खाड़ी में आने-जाने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने की क्षमता के लिए अंतरराष्ट्रीय मान्यता पाने के लिए दृढ़ है, भले ही इसके लिए बल प्रयोग करना पड़े। ईरानी अधिकारी ने भी यही जानकारी दी। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुशनर और दूत स्टीव विटकॉफ ने कतर के पीएम से मुलाकात की। यह वार्ता गत माह हस्ताक्षरित 14-सूत्रीय अंतरिम समझौते पर आधारित है, जिसमें युद्ध रोकना, होर्मुज को फिर खोलना और 60 दिन के स्थायी शांति समझौते के लिए वार्ता शुरू करना शामिल था। इस बीच, ईरान ने कहा, समझौते की भाषा उसे यह तय करने का हक देती है कि कौन से जहाज इस संकरे जलमार्ग से किस रास्ते का उपयोग करेंगे व कौन नहीं।
होर्मुज पर सहमति बिना बातचीत नहीं बढ़ेगी
सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने स्पष्ट कहा है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट पर उसके नियंत्रण पर सहमति नहीं बन जाती, तब तक उसके वार्ताकार वाशिंगटन के साथ चल रही शांति वार्ता में विवाद के अन्य मुद्दों पर आगे नहीं बढ़ेंगे। यदि अंतरिम समझौता बिना विस्तार के खत्म हो जाता है तो ईरान अगस्त के मध्य में जहाजों से गुजरने के लिए शुल्क लेना शुरू कर देगा, हालांकि उसने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह क्या शुल्क लेगा या कैसे। ईरान होर्मुज पर स्थायी नियंत्रण चाहता है। जबकि ईरान का कोई भी स्थायी नियंत्रण, जिसमें जहाजों के लिए औपचारिकताएं और शुल्क शामिल हों, उस जलमार्ग से होने वाले सभी शिपिंग कार्यों में लागत, देरी और जोखिम बढ़ा देगा। इसके चलते युद्ध से पहले वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के पांचवें हिस्से वाले इस मार्ग पर परेशानियां बढ़ जाएंगीं। यह वॉशिंगटन के रुख के विपरीत है।
तेहरान। ईरानी अधिकारी ने कहा, ये बातचीत मंगलवार रात शुरू हुई और बुधवार को भी जारी रही। ईरान ने कहा, उसकी प्राथमिकता स्ट्रेट के प्रबंधन पर सहमति और ईरान की जब्त की गई छह अरब डॉलर की संपत्ति को जारी करना है। अधिकारी ने कहा, वार्ता का मौजूदा दौर इन्हीं दो मुद्दों पर केंद्रित होगा।
उधर, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा, ईरान के एटमी अधिकार और अहम शर्तों पर कोई समझौता नहीं होगा। वह बोले, तेहरान वार्ता के अगले चरण में तब तक आगे नहीं बढ़ेगा जब तक कि अमेरिका के साथ हुए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन के तहत मुख्य वादे पूरे नहीं हो जाते। इन वादों में लेबनान में युद्ध खत्म करना और समझौते को लागू करने से जुड़े उपाय शामिल हैं।



