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कड़ाके की ठंड में जरूर बरतें ये सावधानियां, वरना डॉक्टर के पास जाना तय है

 देश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड और शीत लहर ने दस्तक दे दी है। गिरते तापमान के साथ ही अस्पतालों में सर्दी, खांसी, जोड़ों के दर्द और हृदय संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। अक्सर लोग ठंड को केवल ऊपरी तौर पर महसूस करते हैं, लेकिन यह हमारे शरीर की आंतरिक कार्यप्रणाली पर गहरा दबाव डालती है। भीषण ठंड में जब शरीर का तापमान सामान्य से कम होने लगता है, तो रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। सर्दियों में स्वस्थ रहने का मंत्र केवल भारी जैकेट पहनना नहीं है, बल्कि शरीर के तापमान को संतुलित रखना, सही पोषण लेना और जीवनशैली में जरूरी बदलाव करना है।  अगर आप भी इस भीषण ठंड में डॉक्टर के चक्कर काटने से बचना चाहते हैं, तो स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए कुछ बुनियादी सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है। इसलिए आइए इस लेख में कुछ जरूरी सावधानियों के बारे में जानते हैं जिन्हें अपनाकर आप इस ठंड का आनंद ले सकते हैं। अक्सर लोग शरीर को तो ढंक लेते हैं, लेकिन कान और सिर को खुला छोड़ देते हैं। कानों के जरिए ठंडी हवा सीधे नसों को प्रभावित करती है, जिससे अचानक सिरदर्द, साइनस और कान में संक्रमण हो सकता है। शरीर की लगभग 30% गर्मी सिर के जरिए बाहर निकलती है, इसलिए मफलर या ऊनी टोपी का उपयोग कर इन्हें ढक कर रखना आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। अगर इस मौसम बिना किसी कारण सिर दर्द हो तो ज्यादा संभावना है कि आपको ठंड लग गई है, ऐसे में आग या रूम हीटर के सामने बैठकर खुद को सेकें, अगर आराम न मिले तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

Winter Caring Tips Follow These Four Precautions in Extreme Cold Health Tips in Hindi
सर्दियों में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को 7-8 गिलास पानी की सख्त जरूरत होती है ताकि मेटाबॉलिज्म सही रहे। साथ ही एक भारी जैकेट के बजाय कपड़ों की कई परतें पहनें। परतों के बीच फंसी हवा एक इंसुलेटर का काम करती है और शरीर की गर्मी को बाहर नहीं निकलने देती, जिससे आप भीषण ठंड में भी अंदर से गर्म महसूस करते हैं।

 

काढ़ा और शारीरिक मेहनत में सावधानी
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए दिन में एक बार तुलसी, अदरक और दालचीनी से बने काढ़े का सेवन जरूर करें। यह श्वसन तंत्र को साफ रखता है। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि भीषण ठंड में अचानक भारी शारीरिक मेहनत या तेज वर्कआउट से बचें। ठंड में धमनियां पहले से ही संकुचित होती हैं, ऐसे में अचानक अधिक जोर लगाने से हृदय पर दबाव बढ़ सकता है जो जोखिम भरा हो सकता है।

सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
कड़ाके की ठंड से डरने के बजाय सतर्क रहना जरूरी है। सही खान-पान, पर्याप्त हाइड्रेशन और खुद को अच्छी तरह ढंककर आप मौसमी बीमारियों को खुद से कोसों दूर रख सकते हैं। अपनी दिनचर्या में थोड़ा सा अनुशासन लाकर आप इस ठंड का आनंद बिना बीमार पड़े ले सकते हैं। याद रखें, सर्दियों में आपकी छोटी सी सावधानी ही आपको डॉक्टर के क्लीनिक और दवाओं के खर्च से बचाएगी।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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