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‘नारियल फोड़कर की पूजा…हाथ जोड़कर किया प्रणाम’, इस मुस्लिम क्रिकेटर ने मैदान पर एकता की पेश की मिसाल

मुंबई की प्रतिष्ठित कांगा लीग, जिसे शहर का सबसे पुराना और पारंपरिक क्रिकेट टूर्नामेंट माना जाता है, इस साल 10 अगस्त 2025 से शुरू हुई। बरसात के मौसम में खेले जाने वाली यह लीग अक्सर कठिन पिचों, खास माहौल और खेल के प्रति जुनून के लिए मशहूर है। इस बार इसकी शुरुआत ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा, क्योंकि पहले ही दिन मैदान पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं। स्टार ऑलराउंडर शम्स मुलानी, जो घरेलू क्रिकेट में मुंबई के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं, एक मैच शुरू होने से पहले पिच के पास पहुंचे। वहां उन्होंने एक धार्मिक अनुष्ठान किया। उन्होंने पिच पर फूल और मिठाई चढ़ाई, विकेट्स के पास नारियल फोड़ा और उसका पानी विकेट्स पर छिड़का। इसके बाद उन्होंने हाथ जोड़कर प्रार्थना की और फिर अपनी टीम के साथ मैच के लिए तैयार हो गए। यह पूरा दृश्य कैमरे में कैद हो गया और थोड़े ही समय में इंटरनेट पर वायरल हो गया।
पेश की एकता की मिसाल
दिलचस्प बात यह है कि शम्स मुलानी मुस्लिम परिवार से आते हैं, फिर भी उन्होंने यह पारंपरिक पूजा बड़े सहज और सम्मानजनक तरीके से की और साथ ही एकता की मिसाल पेश की। इसे कई लोगों ने भारतीय खेल संस्कृति में सांस्कृतिक सद्भाव का प्रतीक बताया। क्रिकेट में अक्सर देखा जाता है कि पिच तैयार करने के दौरान या किसी बड़े टूर्नामेंट की शुरुआत में ग्राउंड स्टाफ नारियल फोड़कर और पूजा करके मैदान को तैयार करता है। यह केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि खेल की परंपराओं और मैदान के प्रति सम्मान का हिस्सा माना जाता है।
मुलानी को शानदार ऑलराउंडर माना जाता है
शम्स मुलानी का क्रिकेट करियर भी दिलचस्प रहा है। उन्होंने आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस दोनों टीमों का हिस्सा रहते हुए अनुभव लिया। 2024 सीजन में वे मुंबई इंडियंस के लिए दो मैच खेले। हालांकि, बल्ले से उनका योगदान सीमित रहा और एकमात्र पारी में वे सिर्फ एक रन बना पाए, लेकिन घरेलू क्रिकेट में वे एक भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में जाने जाते हैं। कांगा लीग में यह घटना एक यादगार पल के रूप में दर्ज हो गई। यह सिर्फ एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत आस्था का मामला नहीं था, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि खेल लोगों को जोड़ने का जरिया है, जहां विविधता और सम्मान हाथ में हाथ डालकर चलते हैं।

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