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पीएम मोदी ने अहिल्याबाई होलकर को दी श्रद्धांजलि, कहा- उनका जीवन प्रेरणा का स्रोत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा देश उनकी बुद्धिमत्ता, करुणा और जनकल्याण के प्रति उनके समर्पण के लिए उन्हें गहरे सम्मान के साथ याद करता है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। नरेंद्र मोदी ने मालवा साम्राज्य की पूर्व शासिका अहिल्याबाई होलकर के जीवन को सुशासन, देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने हमेशा साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ नेतृत्व किया। उनके द्वारा समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए दिए गए योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। पीएम मोदी ने कहा, ‘लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी की जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन। उनकी बुद्धिमत्ता, करुणा और जन कल्याण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए पूरा देश उन्हें गहरे सम्मान और प्रशंसा के साथ याद करता है।’

अहिल्याबाई होलकर का योगदान अतुलनीय: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में पवित्र मंदिरों और तीर्थस्थलों के पुनर्निर्माण से लेकर सभी के लिए न्याय और कल्याण सुनिश्चित करने तक अहिल्याबाई होलकर का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक चेतना को और मजबूत करने का काम किया। समाज, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनका समर्पण देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।

कौन थीं अहिल्याबाई होलकर?
अहिल्याबाई होलकर का जन्म 31 मई 1725 को हुआ था और 13 अगस्त 1795 को उनका निधन हुआ। वह मालवा साम्राज्य की रानी थीं और उन्हें भारत की सबसे दूरदर्शी महिला शासकों में से एक माना जाता है। 18वीं शताब्दी में मालवा की महारानी के रूप में उन्होंने धर्म का संदेश फैलाने और औद्योगीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान साल 1780 में काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार और मरम्मत कराना था। इसके अलावा उन्होंने देश के अलग अलग हिस्सों में कई धर्मशालाओं, घाटों और मंदिरों का निर्माण कराया था। उनके शासनकाल को शांति और न्याय के लिए जाना जाता है।

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