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पाकिस्तान में तनाव के बीच PSL पर संकट?

बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर सस्पेंस, PCB बोला- तय समय पर होगा टूर्नामेंट

पाकिस्तान में जारी क्षेत्रीय तनाव के बीच पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 को लेकर अनिश्चितता का माहौल बन गया है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने साफ कर दिया है कि टूर्नामेंट तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीसीबी का मानना है कि हालात तनावपूर्ण जरूर हैं, लेकिन लीग को लेकर किसी तरह की देरी या बदलाव की योजना फिलहाल नहीं है। हालांकि, इस लीग में बांग्लादेशी खिलाड़ियों की भागीदारी पर सस्पेंस है। पीएसएल 2026 का उद्घाटन मुकाबला लाहौर कलंदर्स और हैदराबाद किंग्समेन के बीच लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला जाएगा। पीसीबी ने सभी टीमों को ट्रेनिंग शेड्यूल भी भेज दिया है, जिसमें 24 और 25 मार्च को प्रैक्टिस सेशन तय किए गए हैं। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि टूर्नामेंट को दूसरे देश में शिफ्ट करने का कोई विचार नहीं है।

खिलाड़ियों को मिलेगी हाई-लेवल सुरक्षा
पीसीबी ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा भरोसा दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, खिलाड़ियों को हेड ऑफ स्टेट जैसी सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, टूर्नामेंट का फाइनल तीन मई को प्रस्तावित है और बोर्ड इसे सफलतापूर्वक कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालात तनावपूर्ण होने के बावजूद, किसी भी विदेशी खिलाड़ी, यहां तक कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने भी अपनी अनुपलब्धता की जानकारी नहीं दी है। यह पीसीबी के लिए राहत की खबर है, क्योंकि विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी लीग की सफलता के लिए बेहद अहम होती है।
बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर सस्पेंस
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल बांग्लादेश के खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर खड़ा हो गया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने पहले ही छह खिलाड़ियों, मुस्तफिजुर रहमान, परवेज हुसैन इमोन, शोरिफुल इस्लाम, नाहिद राणा, तंजीद हसन तमीम और रिशाद हुसैन को एनओसी दे दिया था। लेकिन अब बोर्ड ने साफ किया है कि खिलाड़ियों को पाकिस्तान भेजने से पहले सरकार से मंजूरी ली जाएगी। बीसीबी के क्रिकेट ऑपरेशंस चेयरमैन नजमुल अबेदिन ने स्थिति पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, ‘हम अपने खिलाड़ियों को PSL में भेजने से पहले सरकार से अनुमति जरूर लेंगे। सामान्य हालात में इसकी जरूरत नहीं होती, लेकिन अभी स्थिति सामान्य नहीं है और खिलाड़ियों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम सरकार से जानना चाहेंगे कि वहां जाना सुरक्षित है या नहीं। उसी के आधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। अगर सरकार हरी झंडी देती है, तो खिलाड़ी जाएंगे।’ हालांकि पीसीबी आत्मविश्वास से भरा हुआ है, लेकिन बांग्लादेशी खिलाड़ियों को लेकर अनिश्चितता और क्षेत्रीय तनाव पीएसएल के आयोजन पर सवाल जरूर खड़े कर रहे हैं। अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो अन्य देशों के खिलाड़ी भी अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं, जिससे टूर्नामेंट की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है।

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