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‘मुंबई हमलों के बाद भी देना चाहिए था ऐसा ही जवाब’, भाजपा सांसद का कांग्रेस पर करारा प्रहार

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विपक्षी दलों में चल रही चर्चाओं के बीच भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने बुधवार को कांग्रेस का नाम लिए बिना जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की तरह की जवाबी सैन्य कार्रवाई 2008 के मुंबई हमलों के बाद ही हो जानी चाहिए थी। उन्होंने यह बात एक सेमिनार में कही, जो 22 अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के तीन महीने पूरे होने पर आयोजित किया गया था। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।

मुंबई हमले के बाद भी होनी चाहिए थी ऐसी कार्रवाई
सारंगी ने कहा कि जो कुछ सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के नाम से हुआ, वह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुआ और ऐसी कार्रवाई तो 2008 के मुंबई हमलों के बाद ही हो जानी चाहिए थी। इस दौरान सारंगी ने 2016 के उरी सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक का भी जिक्र किया। साथ ही कहा कि  इस बार जो हुआ, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। इसके साथ ही इस दौरान राज्यसभा सांसद बृजलाल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर बेहद सफल रहा। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने पहले ही कहा था कि आतंक के अड्डों को खत्म करेंगे और हमने किया। पहले (2014 से पहले) राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी, अब नहीं है। बृजलाल ने बताया कि जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में भारत की तकनीक और सटीक हमलों की तारीफ की गई।

विपक्षी सांसद का समर्थन
इतना ही नहीं इस दौरान शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि हम भले ही देश में विपक्ष की भूमिका में हों, लेकिन विदेशों में भारत की आवाज बनकर गए। मैं मुंबई से आती हूं, जहां 2008 में सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ था। तब मैं राजनीति में नहीं थी, लेकिन वही हमला मुझे राजनीति में लाने की वजह बना। गौरतलब है कि बीते 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर (पीओजेके) में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। ये हमला सुबह-सुबह बेहद सटीकता से किया गया था। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक सैन्य तनाव चला, जो 10 मई को दोनों देशों की सहमति के साथ समाप्त हुआ।

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