सिर्फ धूम्रपान-प्रदूषण ही नहीं, ये छोटी सी गलती भी आपको बना सकती है लंग्स कैंसर का मरीज

कैंसर वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसका जोखिम सभी उम्र के लोगों में देखा जा रहा है। हर साल कैंसर के बढ़ते मामलों के कारण न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता जा रहा है बल्कि इससे लाखों लोगों की मौत भी हो जाती है। हाल के वर्षों के आंकड़े देखें तो पता चलता है कि वैश्विक स्तर पर फेफड़ों के कैंसर के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है।
साल 2022 के डेटा पर नजर डालें तो पता चलता है कि लंग्स कैंसर के कारण दुनियाभर में अनुमानित 18 लाख मौतें हुईं। अंतर्राष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी (आईएआरएस) के डेटा के अनुसार, यह दुनियाभर में सभी प्रकार के कैंसर मामलों का लगभग 12.4% और कैंसर से होने वाली सभी मौतों का 18.7% है। कैंसर के बढ़ते मामलों पर ध्यान देने, इसकी रोकथाम और शुरुआती पहचान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल एक अगस्त को वर्ल्ड लंग्स कैंसर डे मनाया जाता है। आमतौर पर फेफड़ों के कैंसर की घटनाओं और मृत्यु के लिए कई कारकों जैसे धूम्रपान, पर्यावरण प्रदूषण और आनुवंशिक स्थितियों को जिम्मेदार माना जाता रहा है। पर हालिया अध्ययनों में विशेषज्ञों ने खान-पान की गड़बड़ी को भी इस कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाला पाया है, जिसको लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।




