देश में एलपीजी सिलिंडर की कमी को लेकर राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जनता से घबराने की जरूरत नहीं बता रहे हैं, लेकिन खुद पूरी तरह अलग कारणों से घबराए हुए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अमेरिका में चल रहे एपस्टीन फाइल्स विवाद और गौतम अदाणी से जुड़े मामले को लेकर चिंतित हैं। प्रदर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री जनता को शांत रहने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन खुद कई मुद्दों को लेकर परेशान हैं। राहुल गांधी ने कहा प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन वह खुद अलग कारणों से घबराए हुए हैं। वह एपस्टीन और अदाणी मामले को लेकर परेशान हैं और इसी वजह से सदन में भी नहीं आ रहे। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में प्रधानमंत्री की संसद में अनुपस्थिति भी इसी ओर इशारा करती है।
संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन
एलपीजी सिलिंडर की कमी के मुद्दे पर गुरुवार को संसद परिसर में विपक्षी दलों के कई सांसदों ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी समेत कई नेता शामिल हुए। सांसदों ने संसद के मकर द्वार के पास नारेबाजी करते हुए सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगा। प्रदर्शन में कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी के सांसद शामिल थे। महिला सांसदों ने प्रदर्शन के दौरान प्रतीकात्मक तौर पर ईंटों से बने चूल्हे के साथ बैठकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और एलपीजी संकट पर नाराजगी जताई। देश के कई हिस्सों में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कमी का असर होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड कारोबार पर दिखने लगा है। कई छोटे ढाबों और खानपान व्यवसायों को गैस आपूर्ति में अनियमितता का सामना करना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर कारोबारियों ने काम जारी रखने के लिए इंडक्शन कुकटॉप, माइक्रोवेव, लकड़ी के चूल्हे और सौर ऊर्जा जैसे विकल्पों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। दिल्ली समेत कई शहरों में रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि उनके पास गैस का स्टॉक केवल एक-दो दिन के लिए ही बचा है।
पश्चिम एशिया संकट को जिम्मेदार ठहरा रहा विपक्ष
विपक्ष का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ईंधन आपूर्ति प्रभावित हो रही है और सरकार को इस मुद्दे पर संसद में चर्चा करनी चाहिए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर कहा कि विपक्ष दोनों सदनों में पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके भारत पर पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा चाहता है, लेकिन सरकार इससे बच रही है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार संभावित ऊर्जा संकट के लिए तैयार नहीं थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोगों से अपील की थी कि वे घबराएं नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति को संभालने के लिए तैयार है और आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की आपूर्ति सुरक्षित है। सरकार का कहना है कि घरेलू गैस सिलिंडरों की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि कमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई प्रभावित होने से होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर दबाव बढ़ा है।