‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे…’, नौसेना प्रमुख ने गाया गाना, तंजानिया के रक्षा प्रमुख ने भी दिया साथ

नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी शनिवार से तंजानिया की पांच दिवसीय यात्रा पर हैं। एडमिरल त्रिपाठी भारत और कई अफ्रीकी देशों की नौसेनाओं के बीच होने वाले एक बड़े युद्धाभ्यास- AIKEYME के गवाह बन रहे हैं। भारतीय नौसेना और तंजानिया पीपुल्स डिफेंस फोर्स तंजानिया के दार-एस-सलाम में ‘अफ्रीका इंडिया की मैरीटाइम एंगेजमेंट’ (एआईकेईवाईएमई) नाम के नौसेना अभ्यास की सह-मेजबान हैं। इसका मुख्य उद्देश्य भारत और कई अफ्रीकी देशों की नौसेनाओं के बीच होने वाले विशाल युद्धाभ्यास एआईकेईवाईएमई को अवलोकन एवं समीक्षा करना है। इस बीच एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों देश के सैन्य अधिकारी एक गाने के जरिए आपसी रिश्तों को और मजबूत करने का आह्वान कर रहे हैं। दोनों मिलकर ‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे…’ गाना गाया। वीडियो में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और तंजानिया के रक्षा प्रमुख जनरल जॉन जैकब मकुंडा ने AIKEYME2025 के दौरान ‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे’ के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का वादा दोहराया।
सेशेल्स और दक्षिण अफ्रीका शिरकत कर रहे
इस युद्धाभ्यास का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक दक्षिण के साथ सहयोग को लेकर विजन महासागर को लेकर किया जा रहा है। यह अफ्रीकी महाद्वीप के साथ भारत के समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करेगी। अभ्यास में भारत और तंजानिया के अलावा सेशेल्स और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाएं भी हिस्सा ले रही हैं। भारत और अफ्रीका लंबे समय से समुद्री सुरक्षा खतरों जैसे समुद्री डकैती, तस्करी, अवैध गतिविधियों और अनियमित मछली पकड़ने से निपटने के लिए सूचनाओं के आदान-प्रदान और निगरानी के जरिये सहयोग कर रहे हैं। पिछले महीने मॉरीशस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक दक्षिण के साथ भारत के सहयोग के लिए महासागर (म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी एंड ग्रोथ एक्रॉस रीजन) दृष्टि की घोषणा की थी। भारतीय नौसेना ने बताया कि एडमिरल त्रिपाठी 12 से 16 अप्रैल तक तंजानिया के आधिकारिक दौरे पर हैं। नौसेना ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, यह यात्रा भारत और तंजानिया के बीच समुद्री सहयोग और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र में रक्षा साझेदारी को बढ़ाने के भारत के संकल्प को रेखांकित करती है। यह दौरा भारत की समुद्री कूटनीति को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



