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भगवान वेंकटेश्वर का किया दर्शन, ‘भारतीय विज्ञान सम्मेलन-2025’ में होंगे शामिल

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों आंध्र प्रदेश के तिरुपति में हैं। शुक्रवार को उन्होंने विश्व प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की पूजा-अर्चना की। मंदिर पहुंचने पर तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया और उन्हें दर्शन के लिए ले गए। दर्शन के बाद, मंदिर के पुजारियों ने रंगनायका मंडपम में मोहन भागवत को रेशमी वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया और भगवान का प्रसाद प्रदान दिया। इसको लेकर तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के एक अधिकारी ने कहा, ‘भागवत ने भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए और दर्शन के लिए ले जाने से पहले टीटीडी अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।’ बता दें कि टीटीडी तिरुपति में श्री वेंकटेश्वर मंदिर का आधिकारिक संरक्षक है, जो दुनिया के सबसे अमीर हिंदू मंदिर में से एक है।

भारतीय विज्ञान सम्मेलन में होंगे शामिल
इसके बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत वहां से रवाना हुए। वे शुक्रवार से तिरुपति में राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले चार दिवसीय भारतीय विज्ञान सम्मेलन में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी शामिल होंगे। यह कार्यक्रम 29 दिसंबर को समाप्त होगा।

1,200 से ज्यादा प्रतिनिधि लेंगे भाग
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘भारतीय विज्ञान सम्मेलन-2025 का उद्देश्य प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक ज्ञान को आधुनिक जरूरतों के अनुसार ढालना और भारतीय भाषाओं में वैज्ञानिक चर्चा को बढ़ावा देना है।’ भारतीय विज्ञान सम्मेलन-2025 का आयोजन विज्ञान भारती के तत्वावधान में केंद्र सरकार के सहयोग से तिरुपति के राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में कई विषयों पर पेपर प्रेजेंटेशन और चर्चाएं होंगी। इसमें देश भर के विश्वविद्यालयों के 1,200 से ज्यादा प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस कार्यक्रम के उद्घाटन से पहले, आरएसएस प्रमुख भागवत ने गुरुवार को तिरुमाला में श्री भूवराह स्वामी का भी दर्शन किया। इसके बाद उन्होंने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अध्यक्ष बी आर नायडू के साथ मातृश्री तारिगोंडा वेंगमम्बा अन्न प्रसादम केंद्र में अन्नप्रसादम ग्रहण किया।

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