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ठंडा पानी कब नहीं पीना चाहिए? जानिए फ्रिज का पानी पीने से कौन सी बीमारी होती हैं

गर्मी के मौसम में ठंडा पानी पीना राहत देने वाला लगता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जरूरत से ज्यादा ठंडा या फ्रिज का पानी पीना आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है? आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों इस बात पर जोर देते हैं कि ठंडा पानी कब और कैसे पीना चाहिए। ठंडा पानी तुरंत राहत देता है, लेकिन इसका अधिक सेवन या गलत समय पर सेवन आपकी सेहत के लिए खतरे का कारण बन सकता है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए मटके या सामान्य तापमान का पानी पीना सबसे उपयुक्त होता है। आइए कब और किसे फ्रिज का ठंडा पानी पीने से परहेज करना चाहिए और जरूरत से ज्यादा ठंडा पानी पीने से कौन सी बीमारियां हो सकती हैं, साथ ही फ्रिज का पानी पीने के क्या नुकसान हो सकते हैं। अगर आप को ठंडा पानी पीने के इच्छा है तो भी कुछ खास मौकों पर कभी भी ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। फ्रिज का ठंडा पानी पीने का एक सही समय होता है। खाने के तुरंत बाद भूल से भी ठंडा पानी न पीएं। क्योंकि ठंडा पानी पाचन क्रिया को धीमा कर देता है। इससे गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। व्यायाम या वर्कआउट के तुरंत बाद फ्रिज का पानी पीना नुकसानदायक हो सकता है। वर्कआउट के दौरान शरीर गर्म होता है और ठंडा पानी अचानक पीने से झटका लग सकता है। इससे मांसपेशियों में अकड़न और थकान बढ़ सकती है। सर्दी-जुकाम या बुखार में ठंडा पानी पीने से स्थिति और बिगड़ सकती है और गले की सूजन बढ़ सकती है। इसके अलावा सोने से ठीक पहले ठंडा पानी पीने से पाचन पर असर पड़ सकता है और नींद में खलल पड़ सकती है।

फ्रिज का पानी पीने से कौन सी बीमारी हो सकती है?

अक्सर बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि फ्रिज का ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए बल्कि ताजा और मिट्टी के मटके के भरा ठंडा पानी पीना चाहिए। फ्रिज का ठंडा पानी नुकसानदायक हो सकता है। इससे स्वास्थ्य पर कई दुष्प्रभाव पड़ते हैं और ये कई बीमारियों का कारण बन सकता है। जैसे,

  • गला खराब होना या टॉन्सिल की शिकायत
  • साइनस की समस्या बढ़ना
  • पाचन तंत्र कमजोर होना
  • जोड़ों में दर्द या गठिया की परेशानी
  • सिरदर्द या माइग्रेन बढ़ना
  • ब्लड सर्कुलेशन में रुकावट

कुछ लोगों को स्वास्थ्य विशेषज्ञ फ्रिज का पानी पीने से बिल्कुल मना करते हैं। इसमें साइनस, अस्थमा या श्वसन रोगों से ग्रसित लोग शामिल हैं। साथ ही जिनका अक्सर गला खराब रहता है, बुजुर्ग या जिनके जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती हैं, उन्हें भी फ्रिज के पानी से परहेज करा चाहिए। पाचन संबंधी परेशानी हो या डायबिटीज और हाई बीपी के मरीजों को भी इससे बचना चाहिए। ज्यादा ठंडा पानी पीने से शरीर की प्राकृतिक तापमान प्रणाली प्रभावित होती है। इससे इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है। ठंडे पानी के कारण ब्लड वेसेल्स सिकुड़ने लगते हैं, जिससे शरीर में ब्लड फ्लो धीमा हो सकता है। डाइजेस्टिव एंजाइम की क्रिया धीमी पड़ जाती है, जिससे पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं और मेटाबॉलिज्म पर असर पड़ता है, जिससे वजन बढ़ सकता है।अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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