गृह मंत्री ने खोला अपनी सेहत में सुधार का राज, बताया कैसे मिली एलोपैथिक दवा और इंसुलिन से मुक्ति

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सेहत को कैसे ठीक रखा जा सकता है, इस संबंध में अपने अनुभव साझा किए। शनिवार को दिल्ली में इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) द्वारा विश्व लिवर दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि मैं अब एलोपैथिक दवा या इंसुलिन से मुक्त हो चुका हूं। केंद्रीय गृह मंत्री ने देश के युवाओं से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा उचित नींद, व्यायाम और आहार पर ध्यान देना ये तीन ऐसे तरीके हैं जिसकी मदद से आप शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं। अपनी सेहत में आए बदलावों के बारे में विचार साझा करते हुए गृहमंत्री ने कहा “मैंने मई 2020 से सेहत में बहुत बड़ा बदलाव हासिल किया है। सही मात्रा में नींद, शुद्ध पानी, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम ने मुझे उस मुकाम पर पहुंचा दिया है जहां मुझे अब किसी एलोपैथिक दवा या इंसुलिन की जरूरत नहीं है।केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, देश के युवाओं को अभी 40-50 साल और जीना है और देश की प्रगति में योगदान देना है। मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वे अपने शरीर के लिए दो घंटे और अपने मस्तिष्क के लिए छह घंटे की नींद लें। यह अच्छी सेहत के लिए बेहद उपयोगी होगा। यह मेरा अपना अनुभव है जो मैं आज यहां साझा करने आया हूं। उन्होंने कहा, अगर आज के 4 साल पहले मुझे इस कार्यक्रम में बुलाया जाता तो मैं शायद न आता क्योंकि उस वक्त मैं इन विषयों पर बात करने के योग्य नहीं था हालांकि दिनचर्या में बदलाव के माध्यम से मैंने अपनी सेहत में विशेष लाभ प्राप्त किया है। सभी लोगों को भी इन उपायों से स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है। महात्मा बुद्ध से जुड़ा एक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि गृह मंत्री ने बताया, एक बार मां अपने बच्चे को लेकर बुद्ध के पास पहुंची और कहा कि ये बहुत ज्यादा गुड़ खाता है आप इसे समझाइए। बुद्ध ने उन्हें एक सप्ताह बाद आने को कहा। मां अपने बेटे को लेकर दोबारा पहुंची तो महात्मा बुद्ध ने बच्चे से कहा, बेटा आप ज्यादा गुड़ मत खाइए, इससे नुकसान होगा। बेटे की मां ने बुद्ध से कहा कि यही बात आपने एक सप्ताह पहले क्यों नहीं बताई तो बुद्ध ने कहा कि मैं खुद भी बहुत गुड़ खाता था इसलिए मैं अपनी आदत सुधारकर नसीहत देना चाहता था। इस कहानी के पीछे तात्पर्य ये हैं कि मैं कुछ वर्षों पहले खुद स्वस्थ नहीं था, लेकिन किसी महात्मा की सलाह पर जीवनचर्या में बदलाव किया जिसके अच्छे परिणाम मिले हैं।

कई अध्ययनों में भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को रात की अच्छी नींद लेने की सलाह देते रहे हैं। अच्छी नींद समग्र स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती के लिए महत्वपूर्ण है, यह शारीरिक और मानसिक कार्य, प्रतिरक्षा प्रणाली की मजबूती, याददाश्त ठीक रखने और दीर्घकालिक बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक होती है। इसी तरह से आहार में सुधार करके आप डायबिटीज-ब्लड प्रेशर सहित कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से बचे रह सकते हैं।
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