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टैरिफ वॉर के बीच ट्रंप के विशेष दूत बनकर आए वैंस का भारत दौरा खास; PM मोदी भी जानते हैं दौरे की अहमियत

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेम्स डेविड वैंस भारत पहुँचे तो उनके दौरे का पहला दिन इंडिया कनेक्ट का रहा। दिल्ली में भव्य अगवानी के बाद जेडी वैंस परिवार समेत पहले अक्षरधाम मंदिर में दर्शन करने पहुंचे तो वहीं शाम को प्रधानमंत्री आवास पर  परिवार समेत रात्रिभोज पर नजर आए। उनके दिन दिनी भारत दौरे को खास बनाने के लिए दिल्ली से लेकर जयपुर और आगरा तक खास तैयारियां की गई हैं।  जयपुर में जेडी वैंस जहां भाषण देंगे वहीं अपनी पत्नी के साथ आगरा में ताजमहल का दीदार करते नजर आएंगे। भारतीय मूल की उनकी पत्नी उषा वैंस, तीनों बच्चों और एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली पहुंचे अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने यह जताने में कतई कोताही नहीं बरती कि भारत उनके लिए खास है। बीते करीब 12 बरस बाद हो रही अमेरिकी उपराष्ट्रपति की यात्रा की अहमियत दिखाने में भारत ने भी कसर नहीं छोड़ी। लिहाजा वैंस परिवार की अगवानी के लिए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैश्नव पहुंचे थे तो वहीं पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें सलामी गारद भी दिया गया। यह स्वागत सत्कार 2013 में बतौर उपराष्ट्रपति भारत आए जो बाइडन के अवभगत से अलग था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी जेडी वैंस का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब एक तरफ टैरिफ वॉर से तनाव का पारा हाई है। वहीं वैश्विक रस्साकशी में चरम सुर बयानों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को भी भरोसेमंद दोस्तों की दरकार है। लिहाजा ट्रंप के बाद अमेरिकी प्रशासन के दूसरे सबसे ताकतवर नेता का यह दौरा खासा अहम है। बीते तीन महीने में दूसरी बार जेडी वैंस के साथ एक अनौपचारिक मुलाकात की मेज पर मिल रहे प्रधानमंत्री मोदी भी इस दौरे की अहमियत बखूबी जानते हैं। लिहाजा वैंस परिवार के छोटे से छोटे सदस्य के लिए भी न तो तवज्जो में कोई कमी की गई और न आवभगत में। सरकारी सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी और उपराष्ट्रपति वैंस के बीच भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर चल रही बातचीत से लेकर ऊर्जा, रक्षा और रणनीतिक प्रौद्योगिकी समेत कई मोर्चों पर चल रही साझेदारी पर बात हुई। उपराष्ट्रपति वैंस के भारत दौरे के साथ ही इस हफ्ते भारत के वाणिज्य मंत्रालय का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर वार्ता आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका जा रहा है। फरवरी 2025 में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच वाशिंगटन में बनी सहमति के मुताबकि इस साल अक्टूबर तक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर रजामंदी बनाने की कवायद है। यह समझौता भारत को राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ ऐलानों की सख्ती से बचने का गलियारा देगा। चीन के साथ दो-दो हाथ करने के मूड़ में नजर आ रहे ट्रंप भी भारत को साथ रखने के हक में नजर आ रहे हैं। भारत की भी कोशिश है कि क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए डोनाल्ड ट्रंप की इस साल के आखिर में होने वाली भारत यात्रा से पहले द्विपक्षीय कारोबार की टैरिफ अड़चनों को दूर किया जा सके। साथ ही भारत की कोशिश होगी कि चीन के साथ ट्रंप सरकार के टकराव के लिए भारतीय बाजार के लिए निवेश, व्यापार और साझेदारी के दरवाजे खोले जा सकें। वैंस का यह दौरा ट्रंप की भारत यात्रा के मद्देनजर भी अहम है। माना जा रहा है कि अपनी भारत यात्रा के दौरान, जेडी वैंस प्रधानमंत्री मोदी के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का खास संदेश लेकर भी पहुंचे हैं। इसे संयोग कहें या कूटनीतिक योजना, मगर वैंस से मुलाकात के अगले दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सउदी अरब के दौरे पर रवाना हो रहे हैं। बताया जा रहा है 22 और 23 अप्रैल को हो रहा पीएम मोदी का सउदी अरब दौरा, द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ मौजूदा क्षेत्रीय और वैश्विक समीकरणों के लिहाज से भी अहम है।
सूत्रों ने बताया कि सोमवार शाम रात्रिभोज पर मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और उपराष्ट्रपति वैंस के बीच कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बात हुई। इस कड़ी में दोनों नेताओं के बीच इजराइल-हमास जंग के साथ जारी पश्चिम एशिया के तनाव और रूस यूक्रेन युद्ध समेत कई मुद्दों पर बात हुई। भारत की तरफ से दोराया गया कि कूटनीति और चर्चा से ही इन मुद्दों का समाधान मुमकिन है।

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