हूतियों को लेकर दूसरी बार चैट लीक करने के आरोपों का सामना कर रहे रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बचाव किया है। उन्होंने कहा कि यह असंतुष्ट कर्मचारियों का काम है। हेगसेथ अच्छा काम कर रहे हैं। इसलिए अंसतुष्ट कर्मचारी उनको निशाना बना रहे हैं। व्हाइट हाउस ने भी हेगसेथ का समर्थन किया है। पिछले दिनों रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर आरोप लगा है कि उन्होंने यमन में हूतियों पर अमेरिकी हवाई हमले से संबंधित अहम जानकारी सिग्नल एप पर साझा की। जिस चैट ग्रुप में ये अहम खुफिया जानकारी साझा की गई, उस ग्रुप में हेगसेथ की पत्नी और भाई भी शामिल हैं। इसे लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हेगसेथ का बचाव किया। ईस्टर एग रोल कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि असंतुष्ट कर्मचारियों का काम है। सभी जानते हैं कि हेगसेथ को रक्षा विभाग में बुरे लोगों से छुटकारा दिलाने के लिए रखा गया था। वे वही कर रहे हैं। इसलिए जब ऐसा होता है तो आपके हमेशा दोस्त नहीं बनते। हूतियों से पूछना चाहिए कि यमन में कितनी अव्यवस्था फैली है।
नौकरशाही की लड़ाई: व्हाइट हाउस
व्हाइट हाउस ने भी विवाद को हेगसेथ और असंतुष्ट पेंटागन कर्मचारियों के बीच नौकरशाही लड़ाई बताया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ऐसा तब होता है जब पूरा पेंटागन आपके खिलाफ काम कर रहा हो और उस बड़े बदलाव के खिलाफ काम कर रहा हो जिसे आप लागू करने की कोशिश कर रहे हैं।
हेगसेथ ने भी खारिज किए आरोप
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चैट लीक करने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने असंतुष्ट पूर्व कर्मचारियों और मीडिया पर प्रतिष्ठा को बर्बाद करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह बहुत आश्चर्य की बात है कि कुछ लीकर्स को नौकरी से निकाल दिया जाता है और अचानक उसी मीडिया से कई हिट पीस सामने आते हैं, जिसने रूस के बारे में झूठी खबरें फैलाई थीं। मीडिया यही करता है। वे असंतुष्ट पूर्व कर्मचारियों से गुमनाम स्रोत लेते हैं और फिर लोगों को मारने-पीटने और उनकी प्रतिष्ठा को बर्बाद करने की कोशिश करते हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के प्रवक्ता के पद से इस्तीफा देने वाले जॉन उद्योग ने कहा कि रक्षा विभाग में स्थिति संकटग्रस्त है। पेंटागन में एक महीने से पूरी तरह अराजकता का माहौल है। संवेदनशील परिचालन योजनाओं के लीक होने से लेकर बड़े पैमाने पर छंटनी तक, यह अव्यवस्था अब राष्ट्रपति के लिए बड़ी परेशानी बन गई है, जो अपने वरिष्ठ नेतृत्व से बेहतर की उम्मीद करते हैं।