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‘कोहली जैसे और खिलाड़ी आएंगे…’, असदुद्दीन ओवैसी बोले- हमारे पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं

विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास ने पूरी दुनिया को चौंका दिया। 36 साल के कोहली के संन्यास पर दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ दिग्गज क्रिकेटरों का मानना था कि वह अभी भी दो तीन साल और टेस्ट क्रिकेट खेल सकते थे। हालांकि, हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का मानना कुछ और है। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा है कि कोहली जैसे और खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट को मिलेंगे क्योंकि भारत के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। ओवैसी ने इंटरव्यू के दौरान विराट कोहली की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘वह जबरदस्त खिलाड़ी हैं। हमें उसके कवर ड्राइव की कमी खलेगी। जिस तरह से वह गेंदबाज के सिर के ऊपर से गेंद को मारते थे, वह देखना कमाल का था!  कोहली शानदार खिलाड़ी हैं। जबरदस्त खिलाड़ी हैं। लेकिन कोहली जैसे और भी खिलाड़ी होंगे। ऐसा नहीं है कि भारत में प्रतिभा नहीं है।’
कॉलेज के दिनों में तेज गेंदबाज थे ओवैसी
ओवैसी का कहना है कि कॉलेज के दिनों में वह मध्यम गति के प्रभावी गेंदबाज थे। उन्होंने 90 के दशक की शुरुआत में एक अंतर-विश्वविद्यालय फाइनल मैच खेला था और पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद से बेहतर प्रदर्शन किया था। ओवैसी ने बताया कि उस मैच में उन्होंने 79 रन देकर छह विकेट लिए थे और बेहद खुश थे। उन्होंने बताया कि उस मैच में वेंकटेश एक भी विकेट नहीं ले पाए थे। हालांकि, उस मैच में वेंकटेश की बैंगलोर विश्वविद्यालय की टीम ने ओवैसी की टीम उस्मानिया यूनिवर्सिटी को हरा दिया था।
ओवैसी ने वेंकटेश से बेहतर प्रदर्शन किया था
एआईएमआईएम नेता ओवैसी ने कहा, ‘हम मैच हार गए, लेकिन मुझे छह विकेट मिले थे और वेंकटेश को एक भी विकेट नहीं मिला था।’ ओवैसी ने उस मैच से जुड़े एक अखबार के लेख की फोटो को अपने फोन में गर्व से दिखाया। इसमें दिन के खेल के बाद का स्कोरकार्ड भी था। रिपोर्ट में ओवैसी की एक छोटी सी तस्वीर भी छपी थी। ओवैसी ने बताया कि उन्हें इसके बाद दक्षिण क्षेत्र अंडर-25 टीम के लिए चुना गया और 1994 में विश्वविद्यालय टीमों के लिए राष्ट्रीय स्तर के एक दिवसीय टूर्नामेंट विज्जी ट्रॉफी में वह खेले थे। किस्मत को हालांकि कुछ और ही मंजूर था। ओवैसी फिर कानून की पढ़ाई के लिए लंदन चले गए। इसके बाद क्रिकेट का उनका अध्याय वहीं खत्म हो गया। ओवैसी ने इस बात को खारिज किया कि अगर वह क्रिकेट में बने रहते तो मोहम्मद अजहरुद्दीन, आबिद अली, एम.एल. जयसिम्हा, गुलाम हुसैन और वीवीएस लक्ष्मण जैसे हैदराबाद के बड़े खिलाड़ियों की तरह लोकप्रियता हासिल करते।
ओवैसी ने कहा कि उनके लिए ये सभी सर्वकालिक महान खिलाड़ियों की सूची में हैं और वह बस एक औसत दर्जे के गेंदबाज थे। उन्होंने कहा, ‘नहीं! मेरे नाम की तुलना अजहरुद्दीन से नहीं की जा सकती। वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने 99 टेस्ट मैच खेले हैं। आप मेरी तुलना अजहरुद्दीन से नहीं कर सकते। एक क्रिकेटर के तौर पर मैं उन्हें सलाम करता हूं। एक राजनेता के तौर पर मेरे उनसे कई मतभेद हैं।’
‘भारतीय क्रिकेट ने खेल को लोकतांत्रिक बनाया’
ओवैसी ने इस बात पर भी सहमति जताई कि आज भारतीय क्रिकेट ने खेल को लोकतांत्रिक बना दिया है और सभी तरह की पृष्ठभूमि के खिलाड़ियों को शीर्ष पर पहुंचने का मौका दिया है। उन्होंने तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का उदाहरण भी दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी इसमें और सुधार बाकी है और इस खेल को और अधिक लोकतांत्रिक बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘सिराज को देखिए। गरीब पृष्ठभूमि से आया एक लड़का। कड़ी मेहनत से वह आगे बढ़े और 100 टेस्ट विकेट लिए। शानदार यात्रा। प्रेरणादायी! मुझे उम्मीद है कि वह भारत के लिए कई और मैच खेलेंगे और देश को जीत दिलाएंगे।’

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