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कौन बनेगा मीना कुमारी की करोड़ों की प्रॉपर्टी का मालिक? विवाद पर 34 साल बाद आया कोर्ट का फैसला

मुंबई के पॉश इलाके पाली हिल में स्थित एक बहुचर्चित जमीन विवाद में आखिरकार तीन दशकों बाद न्याय का पलड़ा कमाल अमरोही और मीना कुमारी के पक्ष में झुक गया है। 26 मई को सामने आए इस फैसले में कोर्ट ने कोजीहोम को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी को छह महीने के भीतर जमीन खाली करने का आदेश दिया है। दरअसल 1959 में दिग्गज फिल्मकार कमाल अमरोही और ट्रेजेडी क्वीन मीना कुमारी ने मुंबई के बांद्रा स्थित पाली हिल इलाके में करीब 11,000 वर्ग गज जमीन खरीदी थी। बाद में 1966 में इस जमीन को कोजीहोम हाउसिंग सोसाइटी को किराए पर दिया गया, ताकि वहां रिहायशी इमारतें बनाई जा सकें। तय किराया महज 8,835 हर महीने रखा गया था। लेकिन समय के साथ यह समझौता विवाद का कारण बन गया। आरोप है कि सोसाइटी ने समय पर किराया नहीं चुकाया और अनुबंध की कई शर्तों का उल्लंघन किया। 1990 में कमाल अमरोही ने लीज समाप्त कर दी और 1991 में कानूनी लड़ाई की शुरुआत की, जिसमें जमीन की वापसी की मांग की गई।

कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

करीब 34 साल तक चले इस केस में कोर्ट ऑफ स्मॉल कॉजेज की अपीलीय पीठ ने कमाल अमरोही के बेटे ताजदार अमरोही के पक्ष में फैसला सुनाया। पीठ ने माना कि सोसाइटी ने जानबूझकर किराया देने में लापरवाही बरती और बॉम्बे रेंट एक्ट की धारा 12(3) का उल्लंघन किया। जज आशीष अयाचित और डीआर माली की बेंच ने कहा कि सोसाइटी ने अनुबंध के तहत तय किए गए किराये को लगातार न चुकाकर बड़ी लापरवाही की है और अब जमीन पर उसका कोई अधिकार नहीं रह जाता। इसलिए कोर्ट ने आदेश दिया कि सोसाइटी को छह महीने के अंदर यह जमीन खाली कर ताजदार अमरोही को सौंपनी होगी।

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हालांकि सोसाइटी ने हार नहीं मानी है और अब इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। सोसाइटी के सदस्यों का कहना है कि इतने लंबे समय से वो इस जमीन पर रह रहे हैं और अब अचानक इसे खाली करना उनके लिए बहुत मुश्किल है।

बॉलीवुड की विरासत मानी जाती हैं जमीन
मीना कुमारी और कमाल अमरोही की यह जमीन न सिर्फ एक संपत्ति है, बल्कि यह बॉलीवुड की एक महत्वपूर्ण विरासत भी मानी जाती है। ताजदार अमरोही के मुताबिक, यह फैसला न सिर्फ उनके लिए व्यक्तिगत जीत है, बल्कि उनके माता-पिता की विरासत को सम्मान लौटाने का एक तरीका भी है।

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