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BJP ने शुरू की सरकार गठन की तैयारी; अमित शाह बंगाल तो जेपी नड्डा असम के लिए बने पर्यवेक्षक

भाजपा आलाकमान ने दोनों अहम राज्यों में विधायक दल के नए नेता के चयन के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों और सह-पर्यवेक्षकों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी। पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य में यह बड़ी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी गई है। वहीं, पूर्वोत्तर के सबसे अहम राज्य असम के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इन दोनों दिग्गज नेताओं के साथ-साथ दो राज्यों के मौजूदा मुख्यमंत्रियों को भी बतौर सह-पर्यवेक्षक जोड़ा गया है, ताकि स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए सही फैसला लिया जा सके।

अमित शाह के साथ किसे मिली है यह अहम जिम्मेदारी?
पश्चिम बंगाल हमेशा से ही भाजपा के लिए एक प्रमुख राजनीतिक रणभूमि रहा है। यहां विधायक दल का नेता चुनने की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और सर्वसम्मति से निपटाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है। उनके इस काम में पूरी मदद करने के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। अमित शाह की गहरी रणनीतिक समझ और मोहन चरण माझी का अनुभव मिलकर बंगाल में भाजपा के विधायकों के बीच से एक मजबूत नेता का चुनाव करेंगे, जो विधानसभा में पार्टी की आवाज को पूरी ताकत के साथ उठा सके।

असम में जेपी नड्डा के साथ कौन करेगा नेतृत्व का अंतिम फैसला?
असम में भी भाजपा ने अपने संगठन को एकजुट रखने और एक योग्य नेता के चुनाव के लिए कड़े और ठोस कदम उठाए हैं। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को असम में पार्टी के विधायी दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। यह दोनों वरिष्ठ नेता असम जाकर सभी नवनिर्वाचित विधायकों के साथ सीधी बैठक करेंगे और उनकी राय जानने के बाद ही विधायक दल के नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया से पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी को रोकने में मदद मिलेगी।

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