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अपनों पर बरसे राहुल गांधी, भाजपा की जीत को बताया लोकतंत्र पर हमला

पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जनादेश की चोरी करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह कदम भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने के मिशन का एक बड़ा हिस्सा है। साथ ही उन्होंने बंगाल में टीएमसी की हार पर अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं के खुश होने पर भी कड़ी आलोचना की। राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘कांग्रेस के कुछ लोग और अन्य लोग तृणमूल की हार पर खुशी मना रहे हैं। उन्हें यह साफ तौर पर समझने की जरूरत है कि असम और बंगाल के जनादेश की चोरी भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने के भाजपा के मिशन में एक बड़ा कदम है।’ राहुल गांधी ने अपनी बात जारी रखते हुए आगे कहा, ‘छोटी-मोटी राजनीति को किनारे रख दें। यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी के बारे में नहीं है। यह भारत के बारे में है।’ भाजपा ने पश्चिम बंगाल में दो तिहाई बहुमत के साथ अगली सरकार बनाने की तैयारी कर ली है। इसके साथ ही राज्य में तृणमूल कांग्रेस का 15 साल पुराना शासन खत्म हो गया है। इससे पहले राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वोट चोरी के आरोपों का भी समर्थन किया था।राहुल गांधी ने कहा, ‘असम और बंगाल चुनाव के नतीजे चुनाव आयोग के समर्थन से भाजपा द्वारा चुराए गए जनादेश के स्पष्ट मामले हैं। हम ममता जी से सहमत हैं। बंगाल में 100 से अधिक सीटें चुराई गई हैं। हमने यह पहले भी मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और लोकसभा चुनाव 2024 में देखा है।’

बंगाल की कौनसी सीट पर दोबारा होगा चुनाव?
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 196 है। चुनाव आयोग ने सोमवार को 293 सीटों के परिणाम घोषित किए। दक्षिण 24 परगना जिले की फालता सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा और 24 मई को इसके नतीजे आएंगे। घोषित परिणामों में भाजपा ने 206 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है जबकि तृणमूल कांग्रेस केवल 81 सीटों पर सिमट गई है।

ममता बनर्जी कितने वोटों से हारीं?
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी भवानीपुर सीट भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से 15 हजार से अधिक वोटों से हार गई हैं। इस चुनाव में कांग्रेस को केवल दो सीटें और माकपा को एक सीट मिली है। वहीं एआईएसएफ को एक और आम जनता उन्नयन पार्टी को दो सीटें मिली हैं।
तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन कई जिलों में बेहद खराब रहा है। पार्टी कूच बिहार, पूर्वी मेदनीपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग सहित दस जिलों में एक भी सीट नहीं जीत सकी। इसके अलावा तृणमूल को आदिवासी और मतुआ बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में भी हार का सामना करना पड़ा है। असम में भी भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने निर्णायक जीत दर्ज की है। भाजपा ने वहां अपनी स्थिति मजबूत करते हुए विपक्ष को हाशिए पर धकेल दिया है। असम में भाजपा ने 82 सीटें जीती हैं जबकि कांग्रेस केवल 19 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई है।

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