‘आंखों के सामने उड़ती रहीं मिसाइलें, छह तो ऐसे गईं…,’ भारत लौटे बुजुर्ग ने सुनाई आपबीती

पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने का सिलसिला तेज कर दिया है। इसी कड़ी में मंगलवार को इस्राइल से भारत लौटे 161 भारतीय नागरिकों में एक बुजुर्ग दंपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वहां हालात अचानक बिगड़ गए थे और हर समय धमाकों की आवाजें सुनाई देती थीं। ऐसे में भारत सरकार ने हमें सुरक्षित निकाल लिया, इसके लिए हम बहुत आभारी हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे त्रयंबक कोले ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह और उनकी पत्नी पिछले डेढ़ महीने से इस्राइल में थे। वह अपने बेटे के घर गए थे, जहां हाल ही में उनके पोते का जन्म हुआ है। लेकिन अचानक हालात खराब हो गए। उन्होंने कहा कि कभी भी धमाकों की आवाज सुनाई देती थी। हम बहुत डर गए थे। अब हम सुरक्षित लौट आए हैं, इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद। हमारे बेटे का परिवार वहीं रहेगा, लेकिन हम लौट आए हैं।
त्रयंबक कोले की पत्नी ने भी वहां के हालात बयान करते हुए कहा कि हमने आसमान में मिसाइलें देखीं। हमारे सिर के ऊपर से बिल्कुल मिसाइलें निकल गईं। हम छिपे हुए थे, तभी यह देखा। बहुत डर लग रहा था। भारत सरकार ने हमें सुरक्षित निकाल लिया, इसके लिए हम प्रधानमंत्री मोदी के बहुत आभारी हैं।” पश्चिम एशिया में सिर्फ इस्राइल ही नहीं, बल्कि ईरान से भी भारत सरकार अपने नागरिकों को निकाल रही है। मंगलवार सुबह ईरान के मशहद से एक विशेष विमान के जरिए 292 भारतीय नागरिक दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह विशेष उड़ान 24 जून की सुबह 3:30 बजे दिल्ली पहुंची।
13 जून से भड़का ईरान-इस्राइल टकराव
पश्चिम एशिया में तनाव की शुरुआत 13 जून को हुई थी, जब इस्राइल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर बड़े हमले किए। इसके जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3’ के तहत इस्राइल पर बड़े स्तर पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन हमलों में इस्राइल के फाइटर जेट्स के फ्यूल प्लांट और ऊर्जा आपूर्ति केंद्रों को निशाना बनाया गया। तनाव और बढ़ गया जब अमेरिका ने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के तहत ईरान के तीन अहम परमाणु ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। इसके बाद ईरान ने कतर और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई मिसाइलें दागीं। इनमें कतर स्थित अल उदीद एयरबेस भी शामिल है, जो इस क्षेत्र में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है।
भारत की सतर्कता से नागरिक सुरक्षित लौटे
ऐसे माहौल में भारत सरकार का ‘ऑपरेशन सिंधु’ लगातार जारी है, जिसके तहत भारतीय नागरिकों को युद्धग्रस्त इलाकों से सुरक्षित निकाला जा रहा है। विदेश मंत्रालय और दूतावास की निगरानी में यह अभियान चल रहा है। अभी और भी भारतीयों की वापसी की उम्मीद है। सरकार ने नागरिकों से फिलहाल वेस्ट एशिया की यात्रा टालने की अपील भी की है।



