दुनिया को टैरिफ का डर दिखाते-दिखाते खुद फंसे ट्रंप, अमेरिका लौटा रहा 100 अरब डॉलर

अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (सीबीपी) की ओर से दायर एक याचिका के अनुसार अमेरिका ने ट्रंप के ‘लिबरेशन डे’ टैरिफ के तहत लगभग 100 अरब अमेरिकी डॉलर का रिफंड प्रोसेस किया है। इन टैरिफ को बाद में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था। यह एजेंसी के इतिहास में टैरिफ रिफंड की सबसे बड़ी कोशिशों में से एक है। यह रिफंड अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत लगाए गए अतिरिक्त मूल्य-आधारित शुल्कों से संबंधित है, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने इस साल फरवरी में रद्द कर दिया था। संसाधित राशि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रभावित टैरिफ के तौर पर जमा किए गए लगभग 166 अरब अमेरिकी डॉलर के आधे से ज्यादा हिस्से के बराबर है। सीबीपी के व्यापार कार्यालय में व्यापार कार्यक्रम निदेशालय के कार्यकारी निदेशक ब्रेंडन लॉर्ड की ओर से दायर घोषणा के अनुसार, एजेंसी ने अपने ऑटोमेटेड कमर्शियल एनवायरनमेंट (ACE) प्लेटफॉर्म में योग्य रिफंड की गणना और प्रोसेसिंग के लिए एक नई सिस्टम क्षमता विकसित की है।
कितने अरब अमेरिकी डॉलर के रिफंड स्वीकार हुए हैं?
वहीं, कंसोलिडेटेड एडमिनिस्ट्रेशन एंड प्रोसेसिंग ऑफ एंट्रीज’ (CAPE) नाम की नई सुविधा 20 अप्रैल, 2026 को इंपोर्टर्स और कस्टम्स ब्रोकर्स के लिए उपलब्ध हो गई। लॉर्ड ने अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार न्यायालय में दायर घोषणा में कहा,’ शुक्रवार, 31 जुलाई, 2026 को ईस्टर्न टाइम के अनुसार दोपहर 3 बजे तक, CAPE में प्रोसेसिंग के लिए लगभग 128.68 अरब अमेरिकी डॉलर के संभावित और सर्टिफाइड रिफंड स्वीकार किए जा चुके हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि सीएपीई रिफंड घटक के माध्यम से शुल्क और ब्याज सहित लगभग 100 अरब अमेरिकी डॉलर की राशि का रिफंड पूरा हो चुका है, जिसे सीबीपी की ओर से प्रमाणित किया गया है और वितरण के लिए अमेरिकी वित्त विभाग को भेज दिया गया है। सीबीपी ने बताया कि सीएपीई प्रणाली ने शुरू होने के बाद से लाखों धनवापसी आवेदनों पर कार्रवाई की है। 31 जुलाई, 2026 तक, 252,496 सीएपीई आवेदन जमा किए गए थे, जिनमें से 178,213 आवेदन सत्यापन में सफल रहे।



