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इन पोषक तत्वों की कमी से आंखों में होती है परेशानी, समय रहते हो जाएं सतर्क

आंखें हमारे शरीर का सबसे अनमोल अंग हैं, जो हमें इस खूबसूरत दुनिया से जोड़ने वाली सबसे अहम कड़ी हैं। इनके बिना जीवन की कल्पना करना भी मुश्किल है। आज के डिजिटल युग में, जहां हमारी आंखें लैपटॉप, फोन और टैबलेट की स्क्रीन पर लगातार टिकी रहती हैं, ऐसे में आंखों पर तनाव बढ़ना एक आम बात हो गई है। वैसे तो हम सभी जानते हैं कि अधिक स्क्रीन टाइम का नकारात्मक प्रभाव हमारी आंखों पर पड़ता है, लेकिन इसके अलावा पोषक तत्वों की कमी भी आंखों की रोशनी को प्रभावित करती हैं। शरीर में कुछ खास विटामिन और खनिजों की कमी हमारी आंखों की रोशनी को कमजोर कर सकती है और उन्हें गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। अक्सर हम इन अंदरूनी कमियों को पहचान नहीं पाते और नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका परिणाम भविष्य में आंखों की बड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, अपनी आंखों की अमूल्य रोशनी को बनाए रखने के लिए, इन पोषक तत्वों की कमी को समझना और समय रहते सतर्क होना बेहद जरूरी है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं। आंखों के स्वास्थ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण विटामिनों में से एक है विटामिन ए। यह हमारी रेटिना में ‘रोडोप्सिन’ नामक पिगमेंट के निर्माण के लिए बेहद जरूरी होता है, जो हमें कम रोशनी में भी देखने (खासकर रात में) में मदद करता है। विटामिन ए की कमी का सबसे पहला और प्रमुख लक्षण रतौंधी है, जिसमें व्यक्ति को रात में या कम रोशनी में देखने में बहुत मुश्किल होती है। इसके अलावा विटामिन ए की कमी से आंखें सूखी हो सकती हैं, जिसे जेरोफथाल्मिया कहते हैं, जिससे आंखों में खुजली और जलन हो सकती है। गंभीर मामलों में यह कॉर्निया को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकता है, जो कुछ मामलों में अंधापन भी हो सकता है। विटामिन ए से भरपूर खाद्य पदार्थों में गाजर, शकरकंद, पालक, कद्दू और अंडे शामिल हैं।

विटामिन सी
विटामिन सी सिर्फ इम्यूनिटी के लिए ही नहीं, बल्कि हमारी आंखों के लिए भी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। यह आंखों को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है, जो उम्र बढ़ने के साथ होने वाली आंखों की समस्याओं का एक बड़ा कारण है। विटामिन सी आंखों में रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद करता है और मोतियाबिंद जैसे रोगों के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है। मोतियाबिंद में आंखों का लेंस धुंधला हो जाता है, जिससे दृष्टि प्रभावित होती है। संतरे, नींबू, शिमला मिर्च, ब्रोकली और स्ट्रॉबेरी जैसे फल और सब्जयां विटामिन सी के उत्कृष्ट स्रोत हैं। विटामिन ई भी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो आंखों की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव और नुकसान से बचाने में मदद करता है। यह विशेष रूप से रेटिना की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। विटामिन ई का पर्याप्त सेवन और मोतियाबिंद के विकास के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। बादाम, सूरजमुखी के बीज, पालक और एवोकैडो इसके अच्छे स्रोत हैं। जिंक एक खनिज है जो विटामिन ए को लिवर से रेटिना तक ले जाने में मदद करता है, और आंखों में कई एंजाइमों के ठीक से काम करने के लिए भी जरूरी है। जिंक की कमी से रात में देखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। बीन्स, नट्स, रेड मीट और सीफूड जिंक के अच्छे स्रोत हैं।
विटामिन सी सिर्फ इम्यूनिटी के लिए ही नहीं, बल्कि हमारी आंखों के लिए भी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। यह आंखों को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है, जो उम्र बढ़ने के साथ होने वाली आंखों की समस्याओं का एक बड़ा कारण है। विटामिन सी आंखों में रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद करता है और मोतियाबिंद जैसे रोगों के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है। मोतियाबिंद में आंखों का लेंस धुंधला हो जाता है, जिससे दृष्टि प्रभावित होती है। संतरे, नींबू, शिमला मिर्च, ब्रोकली और स्ट्रॉबेरी जैसे फल और सब्जयां विटामिन सी के उत्कृष्ट स्रोत हैं। विटामिन ई भी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो आंखों की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव और नुकसान से बचाने में मदद करता है। यह विशेष रूप से रेटिना की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। विटामिन ई का पर्याप्त सेवन और मोतियाबिंद के विकास के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। बादाम, सूरजमुखी के बीज, पालक और एवोकैडो इसके अच्छे स्रोत हैं। जिंक एक खनिज है जो विटामिन ए को लिवर से रेटिना तक ले जाने में मदद करता है, और आंखों में कई एंजाइमों के ठीक से काम करने के लिए भी जरूरी है। जिंक की कमी से रात में देखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। बीन्स, नट्स, रेड मीट और सीफूड जिंक के अच्छे स्रोत हैं।
क्या करें?
अपनी आंखों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी है कि आप एक संतुलित आहार लें जिसमें ये सभी आवश्यक पोषक तत्व शामिल हों। अगर आप लगातार आंखों में सूखापन, रात में देखने में दिक्कत, धुंधली दृष्टि, या आंखों में किसी भी तरह की परेशानी महसूस करते हैं, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें। ऐसे में तुरंत किसी नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बहुत जरूरी है। वे सही निदान कर सकते हैं और आपको उचित उपचार या सप्लीमेंट्स की सलाह दे सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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