Latest newsSports

दुष्कर्म के आरोप में फंसे PAK खिलाड़ी हैदर अली का करियर, भारत के खिलाफ इस यादगार मैच का थे हिस्सा

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने कहा है कि उसके बल्लेबाज हैदर अली के खिलाफ इंग्लैंड में आपराधिक जांच चल रही है और उसे तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस बीच ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने कहा है कि दुष्कर्म के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पीसीबी ने कहा कि क्रिकेटर हैदर अली से जुड़ी जांच पाकिस्तान शाहीन टीम (पाकिस्तान ए टीम) के हालिया इंग्लैंड दौरे के दौरान हुई एक घटना को लेकर की जा रही है। पीसीबी ने 24 वर्षीय अली के खिलाफ जांच की प्रकृति के बारे में कुछ नहीं बताया। ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि सोमवार को उन्हें दुष्कर्म की एक शिकायत मिली है। पुलिस ने बयान ने कहा, ‘हमने इस संबंध में एक 24 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह घटना बुधवार, 23 जुलाई 2025 को मैनचेस्टर के एक परिसर में हुई थी। आगे की पूछताछ तक उस व्यक्ति को ज़मानत पर रिहा कर दिया गया है।’ ब्रिटेन में पुलिस आमतौर पर जांच के इस चरण में संदिग्धों का नाम नहीं बताती है।पाकिस्तान की टीम का 15 दिवसीय दौरा 22 जुलाई को शुरू हुआ था। पीसीबी ने बयान में कहा, ‘अली को जांच के परिणाम आने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पीसीबी यूनाइटेड किंगडम की कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह से सम्मान करता है और जांच को अपनी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चलने देने के महत्व को स्वीकार करता है।’
हैदर अली का अंतरराष्ट्रीय करियर
अली ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने के बाद से पाकिस्तान के लिए दो वनडे और 35 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। वह 2022 में भारत पाकिस्तान के बीच मेलबर्न में खेले गए टी20 विश्व कप मैच का भी हिस्सा रहे थे और सिर्फ दो रन बना सके थे। उन्हें हार्दिक पांड्या ने सूर्यकुमार यादव के हाथों कैच कराया था। इसके अलावा वह 35 टी20 अंतरराष्ट्रीय में 124.70 के स्ट्राइक रेट से 505 रन बना चुके हैं। इनमें तीन अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 68 रन का है, जो उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाए थे। दो वनडे में हैदर के 42 रन हैं।
हैदर को कानूनी सहायता प्रदान की गई
पीसीबी ने कहा कि अली को उचित कानूनी सहायता प्रदान की गई। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कहा, ‘एक बार कानूनी कार्रवाई पूरी हो जाने और सभी तथ्य सामने आने के बाद पीसीबी को अगर जरूरी हुआ तो अपनी आचार संहिता के तहत उचित कार्रवाई करने का अधिकार है।’

Related Articles

Back to top button