ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच एक पुरानी और जानी-पहचानी आवाज फिर से गूंजी है। ईरान के पूर्व शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे और निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी ने अपने देशवासियों से मौजूदा इस्लामी शासन को समाप्त करने और लोकतांत्रिक बदलाव लाने की अपील की है। मंगलवार देर रात देश को संबोधित करते हुए रजा पहलवी ने कहा कि इस्लामी गणराज्य का अंत आ गया है और यह व्यवस्था अब टूट रही है। अयातुल्ला खामनेई एक डरे हुए चूहे की तरह बंकर में छिपा हुआ है और नियंत्रण खो चुका है। इतना ही नहीं पहलवी ने ईरानी जनता से राष्ट्रव्यापी विद्रोह का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ईरान को फिर से आजाद और लोकतांत्रिक रास्ते पर ले जाया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि हमें इस्लामी गणराज्य के पतन के बाद पहले 100 दिनों की योजना तैयार है। हम संक्रमणकालीन सरकार के लिए तैयार हैं और जनता द्वारा चुनी गई लोकतांत्रिक सरकार की स्थापना करेंगे।
पहलवी ने ईरानी सुरक्षा बलों से की अपील
अपने बयान में आगे रजा पहलवी ने ईरान की सेना, सुरक्षा बलों और सरकारी कर्मचारियों से एक खास संदेश दिया। इशसके की है। उन्होंने सुरक्षाकर्मी और कर्मचारियों से अपील भी की कि वे शासन के साथ खड़े न हों और लोगों का साथ दें। उन्होंने कहा कि अपने जीवन को एक गिरती हुई व्यवस्था के लिए बर्बाद न करें। जनता के साथ खड़े होकर इतिहास बनाएं। बता दें कि पहलवी का यह बयान उस समय आया है जब इस्राइल ने 13 जून को ऑपरेशन राइजिंग लायन के तहत ईरान के परमाणु, मिसाइल और सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए। इस हमले के जवाब में ईरान ने भी मिसाइलों से पलटवार किया। माना जा रहा है कि यह क्षेत्र एक बड़े युद्ध की ओर बढ़ सकता है।
‘मिलकर लिखेंगे इतिहास का नया अध्याय’
इसके साथ ही निर्वासन में रहते हुए भी कई ईरानी क्राउन प्रिंस माने जाने वाले रजा पहलवीने कहा कि हमारा भविष्य उज्जवल है। हम मिलकर इतिहास का नया अध्याय लिखेंगे। एक आज़ाद और समृद्ध ईरान हमारा इंतज़ार कर रहा है। हालांकि इससे पहले इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी ईरान में शासन परिवर्तन की बात कह चुके हैं। नेतन्याहू ने इसे कट्टरपंथी और तानाशाही शासन” बताया, जबकि ट्रंप ने कहा कि “रान जैसे कट्टरपंथी देश के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। गौरतलब है कि 1979 की इस्लामी क्रांति में शाह मोहम्मद रजा पहलवी को सत्ता से हटाया गया था। इसके बाद अयातुल्ला खुमैनी के नेतृत्व में ईरान इस्लामी गणराज्य बना। शाह का परिवार देश छोड़ कर विदेश में निर्वासन में चला गया। आज 45 वर्षों बाद, उनके बेटे रजा पहलवी एक बार फिर अपने देश की राजनीतिक दिशा को बदलने के लिए सामने आए हैं। हालांकि ईरान में मौजूदा शासन को हटाकर लोकतांत्रिक सरकार की स्थापना की पहल अब केवल विदेशी ताकतों की कोशिश नहीं रह गई है, बल्कि देश के एक पूर्व शाही वंशज की सीधी और भावुक अपील बन गई है, जो बदलाव की लहर को और तेज कर सकती है।