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असदुद्दीन ओवैसी ने फिर किया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का समर्थन; बोले- देश के लिए गए थे, पीएम के लिए नहीं

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बार-बार गलतियां करता है, इसलिए भारत को सतर्क रहना होगा। ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा देश के पक्ष में खड़ी है और उन्होंने विदेश में जाकर देश की बात रखी, न कि प्रधानमंत्री के लिए। ओवैसी उन प्रतिनिधिमंडलों में शामिल थे जिन्हें भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद साझेदार देशों में भेजा था ताकि दुनिया को भारत की आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस नीति के बारे में बताया जा सके। ओवैसी ने कहा कि हम हमेशा देश का पक्ष रखने के लिए तैयार हैं। हम प्रधानमंत्री के लिए नहीं, देश के लिए गए थे। जब पहलगाम में इतना बड़ा आतंकी हमला हुआ, तो यह स्वाभाविक था कि देश की ओर से एकजुट होकर जवाब दिया जाए। उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार की रणनीति अब अलग है। 26/11 के समय जो रणनीति थी, वह अलग थी। अब हालात बदल चुके हैं। तब कांग्रेस सत्ता में थी, आज की रणनीति अलग है।

‘हम ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन करते हैं’
ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से भविष्य में भी खतरा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि हम ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन करते हैं। अगर हम सोचें कि इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की सेना या आईएसआई कोई और हरकत नहीं करेगी, तो यह भूल होगी। वे फिर कोशिश करेंगे, इसलिए हमें सतर्क रहना होगा। ओवैसी ने कहा कि विचारधारा पर राजनीतिक लड़ाई जारी रहेगी, लेकिन देश सर्वोपरि है। भाजपा देश से बड़ी नहीं है, न ही प्रधानमंत्री देश से बड़े हैं। जब भी देश पर हमला होता है, हम सबको एकजुट होकर देश का पक्ष रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने गृह मंत्री के बुलावे पर सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया था। यह देश का मामला था, राजनीति से ऊपर उठकर हमने हिस्सा लिया। ओवैसी ने कांग्रेस के साथ संभावित गठबंधन पर कहा कि अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के साथ अपने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि वे विकास के लिए सहयोग करते हैं लेकिन विचारधारा से समझौता नहीं करेंगे। बिहार चुनाव पर उन्होंने कहा हर किसी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। हम अपने उम्मीदवारों को जीताने की कोशिश करेंगे।

अमेरिकी टैरिफ और गाजा संघर्ष की आलोचना
ओवैसी ने अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50% टैरिफ लगाने के फैसले को सरकार की नाकामी बताया। उन्होंने कहा कि हमारे मोटर पार्ट्स एक्सपोर्ट 35,000 करोड़ रुपये के हैं, जिन पर अब असर पड़ा है। सरकार को इस पर ठोस कदम उठाने चाहिए। ओवैसी ने इस्राइल पर नरसंहार का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री मोदी की नेतन्याहू की प्रशंसा पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक ऐसे नेता की तारीफ क्यों की जा रही है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने वारंट जारी किया है?।

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