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सिर्फ सिर घूमना और कमजोरी नहीं, शरीर में आयरन की कमी होने पर दिखते हैं ये 4 लक्षण

अक्सर लोगों को थकान या कमजोरी की समस्या होती है, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसा होना बहुत आम बात है। कई बार लोग शरीर में कमजोरी होना और सिर घूमने को आयरन की कमी के तौर पर देखते हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि सिर घूमना या शरीर में कमजोरी होना, आयरन की कमी के ही लक्षण हों, क्योंकि ये संकेत तो डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं के भी हो सकते हैं। ऐसे शरीर में आयरन की कमी होने के और भी कई संकेत हैं, जिसके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए। आयरन एक ऐसा महत्वपूर्ण खनिज है जिसकी कमी आपके पूरे शरीर पर व्यापक और अक्सर अनदेखे प्रभाव डाल सकती है।
हमारे शरीर के लिए आयरन बेहद जरूरी है क्योंकि यह हीमोग्लोबिन का एक अहम हिस्सा है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला प्रोटीन है जो फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के हर हिस्से तक पहुंचाता है। जब शरीर में पर्याप्त आयरन नहीं होता, तो हीमोग्लोबिन भी पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पाता, जिससे अंगों और ऊतकों तक ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इसे ही आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया कहते हैं। इसके लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं और अक्सर लोग उन्हें पहचान नहीं पाते, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। आइए हम उन चार अन्य लक्षणों के बारे में विस्तार से जानते हैं जिससे ये पता चलता है कि आपके शरीर में आयरन की है।
त्वचा का पीला पड़ना और नाखूनों में बदलाव
हीमोग्लोबिन की वजह से ही हमारे शरीर में खून का रंग लाल होता है। जब आयरन की कमी होती है, तो खून में हीमोग्लोबिन का लेवल गिर जाता है, जिससे त्वचा, होंठ और पलकों के अंदरूनी हिस्से का रंग फीका या पीला पड़ने लगता है। यह खून की कमी का एक स्पष्ट संकेत हो सकता है। इसके साथ ही, आयरन की गंभीर कमी होने पर आपके नाखूनों में भी बदलाव आ सकते हैं। नाखून कमजोर होकर टूटने लगते हैं और कुछ मामलों में चम्मच के आकार के हो सकते हैं, जिन्हें कोइलोनिचिया कहा जाता है।
हीमोग्लोबिन की वजह से ही हमारे शरीर में खून का रंग लाल होता है। जब आयरन की कमी होती है, तो खून में हीमोग्लोबिन का लेवल गिर जाता है, जिससे त्वचा, होंठ और पलकों के अंदरूनी हिस्से का रंग फीका या पीला पड़ने लगता है। यह खून की कमी का एक स्पष्ट संकेत हो सकता है। इसके साथ ही, आयरन की गंभीर कमी होने पर आपके नाखूनों में भी बदलाव आ सकते हैं। नाखून कमजोर होकर टूटने लगते हैं और कुछ मामलों में चम्मच के आकार के हो सकते हैं, जिन्हें कोइलोनिचिया कहा जाता है।

सांस लेने में तकलीफ और तेज धड़कन
जब शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो फेफड़े और हृदय इसकी भरपाई के लिए ज्यादा तेजी से काम करना शुरू कर देते हैं। यही वजह है कि आयरन की कमी वाले व्यक्ति को थोड़ी सी शारीरिक गतिविधि करने पर भी सांस फूलने या सांस लेने में तकलीफ महसूस हो सकती है। दिल भी शरीर की ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा करने के लिए तेजी से धड़कने लगता है, जिससे आपको अपनी धड़कनें महसूस हो सकती हैं।आयरन की कमी सिर्फ आपकी ऊर्जा को ही नहीं, बल्कि आपके बालों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी के कारण बाल कमजोर होकर ज्यादा झड़ने लगते हैं। इसके अलावा, मुंह के कोनों पर दरारें पड़ना (एंगुलर चेलाइटिस) और बार-बार मुंह में छाले होना भी आयरन की कमी का संकेत हो सकता है।
जब शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो फेफड़े और हृदय इसकी भरपाई के लिए ज्यादा तेजी से काम करना शुरू कर देते हैं। यही वजह है कि आयरन की कमी वाले व्यक्ति को थोड़ी सी शारीरिक गतिविधि करने पर भी सांस फूलने या सांस लेने में तकलीफ महसूस हो सकती है। दिल भी शरीर की ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा करने के लिए तेजी से धड़कने लगता है, जिससे आपको अपनी धड़कनें महसूस हो सकती हैं।आयरन की कमी सिर्फ आपकी ऊर्जा को ही नहीं, बल्कि आपके बालों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी के कारण बाल कमजोर होकर ज्यादा झड़ने लगते हैं। इसके अलावा, मुंह के कोनों पर दरारें पड़ना (एंगुलर चेलाइटिस) और बार-बार मुंह में छाले होना भी आयरन की कमी का संकेत हो सकता है।
बार-बार संक्रमण होना या ‘पिका’ की इच्छा
आयरन एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी कमी होने पर शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे व्यक्ति को सर्दी, फ्लू और अन्य संक्रमण बार-बार हो सकते हैं। कुछ लोगों में आयरन की कमी के कारण ‘पिका’ नामक स्थिति विकसित हो जाती है, जिसमें बर्फ, मिट्टी, रेत, या स्टार्च जैसी गैर-खाद्य वस्तुओं को खाने की तीव्र इच्छा होती है। यह एक असामान्य लेकिन महत्वपूर्ण लक्षण है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
आयरन एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी कमी होने पर शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे व्यक्ति को सर्दी, फ्लू और अन्य संक्रमण बार-बार हो सकते हैं। कुछ लोगों में आयरन की कमी के कारण ‘पिका’ नामक स्थिति विकसित हो जाती है, जिसमें बर्फ, मिट्टी, रेत, या स्टार्च जैसी गैर-खाद्य वस्तुओं को खाने की तीव्र इच्छा होती है। यह एक असामान्य लेकिन महत्वपूर्ण लक्षण है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।



