ड्रग माफियाओं पर बेरोकटोक कार्रवाई करते रहेंगे ट्रंप! राष्ट्रपति की शक्तियों पर निगरानी का प्रस्ताव खारिज

डेमोक्रेटिक सांसदों ने कहा कि ट्रंप बिना कांग्रेस की अनुमति के सैन्य हमले नहीं कर सकते। उनके अनुसार यह अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय कानून दोनों का उल्लंघन है। टिम केन और एडम शिफ ने इस प्रस्ताव को पेश किया था। उन्होंने कहा कि इस वोटिंग ने भले ही कानून पास न कराया हो, लेकिन यह एक मजबूत राजनीतिक संदेश गया है कि ‘हर कोई राष्ट्रपति की असीमित शक्ति से सहमत नहीं।’ रैंड पॉल, जो रिपब्लिकन पार्टी से हैं लेकिन लंबे समय से युद्ध अधिकारों पर कांग्रेस की भूमिका को मजबूत करने के पक्षधर हैं, उन्होंने भी प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस को कार्यपालिका को जज, ज्यूरी और जल्लाद बनने की इजाजत नहीं देनी चाहिए।’ दूसरी ओर, रिपब्लिकन नेताओं ने डेमोक्रेट्स पर आरोप लगाया कि वे राजनीतिक खेल खेल रहे हैं। जिम रिस्क, जो सीनेट फॉरेन रिलेशंस कमेटी के प्रमुख हैं, ने कहा कि ड्रग्स अमेरिकी नागरिकों को मारने का हथियार बन चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘जो जहाज नष्ट किए गए, उनमें जो जहरीला माल था वो अब समुद्र की गहराइयों में है।’ मार्को रूबियो ने रिपब्लिकन सीनेटरों को समझाने के लिए लंच मीटिंग में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि कई कार्टेल अब कैरेबियाई देशों के बड़े हिस्सों पर कब्जा कर चुके हैं और वे ‘सरकारों की तरह’ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘ये संगठन अमेरिकी सड़कों पर हिंसा और अपराध फैला रहे हैं। राष्ट्रपति का कर्तव्य है कि वह देश की रक्षा करे।’
गोपनीय ब्रीफिंग पर सवाल और डेमोक्रेट की चिंता
सीनेट सशस्त्र सेवा समिति को पिछले हफ्ते ट्रंप प्रशासन ने एक गोपनीय ब्रीफिंग दी थी। लेकिन कई सांसदों का कहना है कि इसमें हमलों के कानूनी और खुफिया आधार पर पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। जैक रीड, जो वरिष्ठ डेमोक्रेट हैं, ने कहा, ‘कांग्रेस की निगरानी की ताकत को कमजोर करना कोई औपचारिक बहस नहीं है, यह हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए असली खतरा है।’ डेमोक्रेट्स ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन कार्टेल समूहों को ‘नार्को-टेररिस्ट’ घोषित कर रहा है, लेकिन पूरी सूची साझा नहीं की गई है। डेमोक्रेट्स का कहना है कि कैरिबियाई क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की बढ़ती मौजूदगी भविष्य में बड़े सैन्य टकराव की जमीन तैयार कर सकती है, खासकर वेनेजुएला के साथ। एडम शिफ ने कहा, ‘यही वो रास्ता है जिससे देश कभी-कभी अनजाने में युद्ध में फिसल जाता है।’



