केरल हाईकोर्ट का SIT को आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश, अदालत ने माना सोने की हेराफेरी हुई

प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थल सबरीमाला मंदिर में स्वर्ण-पल्लवन (सोने की परत) की कथित चोरी के मामले में केरल हाईकोर्ट ने आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। उच्च न्यायालय ने शुक्रवार (10 अक्तूबर) को विशेष जांच दल (एसआईटी) को सबरीमाला भगवान अयप्पा मंदिर के ‘द्वारपालक’ मूर्तियों से सोना चोरी के मामले में आपराधिक मामला दर्ज करने और जांच शुरू करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने माना सोने का हेराफेरी हुई
न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी और न्यायमूर्ति के वी जयकुमार की पीठ ने यह आदेश दिए हैं। बेंच ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि अब तक की गई जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि द्वारपालक मूर्तियों में सोने की हेराफेरी हुई है। इसी के साथ बेंच ने एसआईटी को छह हफ्ते के अंदर जांच रिपोर्ट दाखिल करने और हर दो हफ्ते में एक बार जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया है। वहीं अदालत ने कहा कि जांच से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए। पीठ ने आगे कहा कि उसके समक्ष पेश विजिलेंस रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि “काफी मात्रा में सोना – लगभग 474.9 ग्राम – उन्नीकृष्णन पोट्टी (सोने की परत चढ़ाने का प्रस्ताव देने वाले प्रायोजक) को सौंप दिया गया था।” अदालत ने कहा कि हालांकि, रिकॉर्ड से यह पता नहीं चलता कि सोने की यह मात्रा त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी ) को (उसके द्वारा) सौंपी गई थी।
सभी पहलुओं की भी जांच करने का निर्देश
पीठ ने अपने द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को ‘द्वारपालक’ मूर्तियों के मामले के साथ-साथ जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य सभी पहलुओं की भी जांच करने का निर्देश दिया है। बेंच ने यह भी कहा कि एसआईटी “यह सुनिश्चित करने के लिए कि जांच अत्यंत विवेक और ईमानदारी से की जाए” अदालत के प्रति “सीधे जवाबदेह” होगी।



