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मन की बात में पीएम मोदी ने दी छठ की शुभकामनाएं, बोले- यह महापर्व गहरी एकता का प्रतिबिंब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात के जरिए देश को संबोधित किया। पीएम ने इस दौरान देशवासियों को त्योहारों की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छठ का जिक्र करते हुए कहा कि छठ का महापर्व संस्कृति, प्रकृति और समाज के बीच की गहरी एकता का प्रतिबिंब है। छठ के घाटों पर समाज का हर वर्ग एक साथ खड़ा होता है। ये दृश्य भारत की सामाजिक एकता का सबसे सुंदर उदाहरण है। पीएम मोदी ने इस दौरान छत्तीसगढ़ और कर्नाटक का जिक्र किया। पीएम ने छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर की प्लास्टिक कचरा साफ करने की पहल गारबेज कैफे के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “ये ऐसे कैफे हैं, जहां प्लास्टिक का कचरा लेकर जाने पर भरपेट खाना खिलाया जाता है। अगर कोई व्यक्ति एक किलो प्लास्टिक लेकर जाए तो उसे दोपहर या रात का खाना मिलता है और कोई आधा किलो प्लास्टिक ले जाए तो नाश्ता मिल जाता है। ये कैफे अंबिकापुर नगरपालिका चलाता है।” इसी तरह पीएम ने बंगलूरू की एक खास पहल का जिक्र करते हुए कहा, “बंगलूरू को झीलों का शहर कहा जाता है और इंजीनियर कपिल शर्मा जी ने यहां झीलों को नया जीवन देने का अभियान शुरू किया है। कपिल की टीम ने बंगलूरू और आसपास के इलाकों में 40 कुओं और झीलों को फिर से जिंदा कर दिया है। खास बात तो यह है कि उन्होंने अपने मिशन में कॉरपोरेट्स और स्थानीय लोगों को भी जोड़ा है।”
पीएम मोदी ने जंगली जीवन की महत्ता बताते हुए आगे कहा, “गुजरात के वन विभाग ने मैनग्रोव (Mangrove) के महत्व को समझते हुए खास मुहिम चलाई हुई है। पांच साल पहले वन विभाग की टीमों ने अहमदाबाद के नजदीक धोलेरा में मैनग्रोव लगाने का काम शुरू किया था, और आज धोलेरा तट पर साढ़े तीन हजार हेक्टेयर में मैनग्रोव फैल चुके हैं। इनका असर आज पूरे क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। वहां के ईको सिस्टम में डॉल्फिनों की संख्या बढ़ गई है। केकड़े और दूसरे जलीय जीव भी पहले से ज्यादा हो गए हैं। यही नहीं, अब यहां प्रवासी पक्षी भी काफी संख्या में आ रहे हैं। इससे वहां के पर्यावरण पर अच्छा प्रभाव तो पड़ा ही है, धोलेरा के मछली पालकों को भी फायदा हो रहा है।

सरदार पटेल की जयंती पर रन फॉर यूनिटी में शामिल होने की अपील की

सरदार पटेल आधुनिक काल में राष्ट्र की सबसे महान विभूतियों में से एक रहे हैं। उनके विराट व्यक्तित्व में अनेक गुण एक साथ समाहित थे। गांधी जी से प्रेरित होकर सरदार पटेल ने खुद को स्वतंत्रता आंदोलन में पूरी तरह समर्पित कर दिया। ‘खेड़ा सत्याग्रह’ से लेकर ‘बोरसद सत्याग्रह’ तक अनेक आंदोलनों में उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है। अहमदाबाद नगरपालिका के
प्रमुख के रूप में उनका कार्यकाल भी ऐतिहासिक रहा था। उन्होंने स्वच्छता और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उप-प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के रूप में उनके योगदान के लिए हम सभी सदैव उनके ऋणी रहेंगे।  पीएम मोदी ने कहा, “सरदार पटेल ने भारत के नौकरशाही के ढांचे की एक मजबूत नींव भी रखी। देश की एकता और अखंडता के लिए उन्होंने अद्वितीय प्रयास किए।  मेरा आप सबसे आग्रह है, 31 अक्तूबर को सरदार साहब की जयंती पर देशभर में होने वाली रन फॉर यूनिटी में आप भी जरूर शामिल हों।

कोरापुट कॉफी का भी जिक्र किया

पीएम ने इसके बाद कोरापुट कॉफी को लेकर बात की। उन्होंने कहा, “मुझे बताया गया है कि कोरापुट कॉफी का स्वाद गजब होता है, और इतना ही नहीं, स्वाद तो स्वाद, कॉफी की खेती भी लोगों को फायदा पहुंचा रही है। कोरापुट में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अपने जुनून की वजह से कॉफी की खेती कर रहे हैं।” मोदी ने आगे कहा, “दुनिया-भर में भारत की कॉफी बहुत लोकप्रिय हो रही है। चाहे कर्नाटका में चिकमंगलुरु, कुर्ग और हासन हो। तमिलनाडु में पुलनी, शेवरॉय, नीलगिरी और अन्नामलाई के इलाके हों, कर्नाटक-तमिलनाडु सीमा पर बिलिगिरि क्षेत्र हो या फिर केरला में वायनाड, त्रावणकोर और मालाबार के इलाके। भारत की कॉफी की डायवर्सिटी देखते ही बनती है। हमारा पूर्वोत्तर भी कॉफी की उपज में आगे बढ़ रहा है।”

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