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अजित पवार पर ₹500 करोड़ के अस्पताल घोटाले का आरोप, बावनकुले बोले- लिखित शिकायत पर उठाया जाएगा कदम

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और राकांपा प्रमुख अजित पवार एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। इस बार सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने उन पर 500 करोड़ रुपये के अस्पताल घोटाले का आरोप लगाया है। अंजली दमानिया का दावा है कि बीएमसी की तरफ से बनाया गया शताब्दी अस्पताल अजित पवार के रिश्तेदारों से जुड़ी संस्था को सौंपा जा रहा है। महाराष्ट्र मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि ‘जब मामला सरकार के पास लिखित में आएगा, तब इस पर निर्णय लिया जाएगा। यानी सरकार आधिकारिक शिकायत का इंतजार कर रही है।

‘पवार परिवार को सौंपा जा रहा है तैयार अस्पताल’
अंजली दमानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक रिपोर्ट शेयर करते हुए लिखा कि 580 बेड का शताब्दी अस्पताल, जो बीएमसी ने बनाया है, उसे पीपीपी मॉडल पर दिया जा रहा है। इस अस्पताल की बोली पद्मसिंह पाटिल की टर्ना पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट ने लगाई है, जिनका परिवार अजित पवार से जुड़ा माना जाता है। उनका कहना है कि पास ही आरएसएस भी अस्पताल बना रही है, लेकिन तैयार अस्पताल पवार परिवार की तरफ जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी तंज कसते हुए लिखा कि पूरा महाराष्ट्र नेताओं को ही सौंप देना चाहिए।

सरकार बोली- आरोप लगना राजनीति का हिस्सा
वहीं इस मामले में राज्य मंत्री पंकज राजेश भोयर ने इन आरोपों पर कहा, ‘राजनीति में सक्रिय किसी भी व्यक्ति पर आरोप लगना सामान्य बात है। जांच से पहले किसी आरोप पर प्रतिक्रिया देना ठीक नहीं।’ अजित पवार हाल ही में पुणे के मुंधवा इलाके की 40 एकड़ सरकारी जमीन की बिक्री को लेकर भी घिरे हुए थे। आरोप है कि जमीन को कम कीमत पर बेचा गया, स्टांप ड्यूटी से बचने की कोशिश हुई, डील एक ऐसी फर्म से जुड़ी है जिसका संबंध अजित पवार के बेटे पार्थ पवार से बताया गया। हालांकि मामले में एफआईआर दर्ज है, लेकिन पार्थ पवार का नाम शामिल नहीं है। मुख्यमंत्री फडणवीस का कहना है कि एफआईआर उन पर दर्ज होती है जो सीधे तौर पर डील में शामिल हों।

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