India newsLatest news

क्या राहुल की राय से बिगड़ रही चुनाव आयोग की छवि? नामचीन हस्तियों की नसीहत पर पूर्व MP ने कही ये बात

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों की निंदा करते हुए हाल ही में कुछ जानी-मानी हस्तियों ने एक खुला पत्र लिखा है। इस पर कांग्रेस नेत अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी की राय का आयोग की छवि खराब करने से कोई संबंध नहीं है। अधीर रंजन चौधरी ने पत्रकारों से कहा, जजों की अपनी राय होती है। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को भी अपनी बात कहने का अधिकार है। राहुल गांधी की बातें अहम हैं। उनका उद्देश्य देशभर में लोगों के वोट देने के अधिकार की रक्षा करना है। इसका किसी संस्था या चुनाव आयोग की छवि को खराब करने से कोई संबंध नहीं है। जजों की राय को ईश्वरीय आदेश जैसा नहीं मानना चाहिए। वे भगवान नहीं हैं। वहीं, केरल भाजपा प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि राहुल न भारत की परवाह करते हैं और न भारतीयों की। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के लिए राजनीति केवल ‘पार्ट-टाइम’ काम है और विदेश यात्राओं के लिए पैसे जुटाने का तरीका है।

राहुल गांधी को न भारत की परवाह, न भारतीयों की: राजीव चंद्र शेखर
उन्होंने कहा, मैंने कई साल पहले ही कहा था कि राहुल गांधी न भारत की परवाह करते हैं, न भारतीयों की। वह साल में तीन-चार महीने से ज्यादा भारत में नहीं रहते। उनकी निष्ठा, लगन, दिलचस्पी..सब कुछ भारत के बाहर है। उनके लिए भारत में राजनीति करना पार्ट-टाइम काम है और विदेश यात्रा के खर्च पूरे करने का तरीका है। उनके मन में भारत और भारतीयों के कल्याण की कोई बात नहीं है। वह केवल खुद की और खुद के परिवार की परवाह करते हैं। इसी वजह से कांग्रेस ‘राहुल बचाओ संगठन’ बनकर रह गई है।

कई प्रमुख हस्तियों ने लिखा खुला पत्र
इससे पहले 272 से ज्यादा प्रमुख हस्तियों ने एक खुला पत्र लिखकर देश की सांविधानिक संस्थाओं पर राहुल गांधी की ओर से बार-बार किए जा रहे हमलों की निंदा की। इनमें 16 जज, 123 सेवानिवृत्त अधिकारी, 14 राजदूत और 133 सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी शामिल हैं। इस खुले पत्र में कहा गया, लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कई बार चुनाव आयोग पर हमला किया है। उनके पास खुला और बंद जैसा स्पष्ट सबूत है कि चुनाव आयोग वोट चोरी में शामिल है और दावा किया कि उनके पास सौ फीसदी सबूत हैं। उन्होंने बेहद अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया कि उनके पास जो सबूत हैं, वह एक एटम बम हैं और जब यह फटेगा तो चुनाव आयोग के पास छिपने की जगह नहीं मिलेगी। पत्र में नागरिक समाज और जनता से चुनाव आयोग के साथ मजबूती से खड़े होने की अपील की गई। साथ ही राजनीतिक दलों से कहा गया कि वे बिना सबूत के आरोप लगाकर और नाटकीय बयानबाजी करके इस अहम संस्था को कमजोर करना बंद करें।

Related Articles

Back to top button