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नागपुर में सिगरेट लाइटर न देने पर शख्स की हत्या; पुणे के औंध इलाके में तेंदुए की तलाश तेज

नागपुर शहर में अज्ञात लोगों के एक समूह ने 33 वर्षीय एक व्यक्ति की हत्या कर दी। पुलिस ने सोमवार को बताया कि ऐसा संभवत: इसलिए किया गया क्योंकि उसने सिगरेट जलाने के लिए अपना लाइटर साझा नहीं किया था। उन्होंने बताया कि यह घटना रविवार शाम खापरखेड़ा थाना क्षेत्र के बीना संगम में हुई और मृतक की पहचान सुशील कुमार गेदाम के रूप में हुई है। गेदाम और उनके दोस्त आशीष गोंडाने (33) तैराकी से लौट रहे थे, तभी चार-पांच अजनबी उनके पास आए और लाइटर मांगने लगे। पुलिस ने बताया कि उन्होंने सिगरेट लाइटर साझा करने से इन्कार कर दिया, जिसके बाद उनके बीच थोड़ी बहस हुई और फिर समूह के सदस्यों ने उन पर पत्थरों और चाकुओं से हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए। उन्होंने बताया कि हमले में गेदाम की मौत हो गई, जबकि गोंडाने को गंभीर चोटें आईं और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।
पुणे के औंध इलाके में देखे गए तेंदुए की तलाश दूसरे दिन भी जारी
महाराष्ट्र वन विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि उन्होंने पुणे शहर के औंध इलाके में घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र में एक दिन पहले देखे गए तेंदुए की तलाश तेज कर दी है। हालांकि, अधिकारियों ने चेतावनी दी कि एआई उपकरणों का उपयोग करके बनाई गई तेंदुए की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर प्रसारित या वायरल नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसी हरकतें लोगों में अनावश्यक दहशत और भ्रम पैदा कर सकती हैं। रविवार को सुबह करीब 4 बजे तेंदुए को औंध के सिंध सोसायटी के पास घूमते हुए देखा गया। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी, पुणे स्थित गैर-लाभकारी संगठन आरईएसक्यू चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों के साथ मिलकर लगातार क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं। थर्मल ड्रोन कैमरों, डॉग स्क्वॉड और अन्य उन्नत उपकरणों की मदद से तेंदुए का पता लगाने और उसे पकड़ने का अभियान जारी है। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय निवासियों में सुरक्षा और एहतियाती उपायों के बारे में जागरूकता भी फैलाई जा रही है। इस बीच, वन विभाग, भारतीय वायु सेना (आईएएफ) कर्मियों और आरईएसक्यू चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों की एक संयुक्त टीम ने पुणे हवाई अड्डे का दौरा किया, जहां पिछले सप्ताह एक तेंदुआ देखा गया था।
महाराष्ट्र वन विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि उन्होंने पुणे शहर के औंध इलाके में घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र में एक दिन पहले देखे गए तेंदुए की तलाश तेज कर दी है। हालांकि, अधिकारियों ने चेतावनी दी कि एआई उपकरणों का उपयोग करके बनाई गई तेंदुए की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर प्रसारित या वायरल नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसी हरकतें लोगों में अनावश्यक दहशत और भ्रम पैदा कर सकती हैं। रविवार को सुबह करीब 4 बजे तेंदुए को औंध के सिंध सोसायटी के पास घूमते हुए देखा गया। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी, पुणे स्थित गैर-लाभकारी संगठन आरईएसक्यू चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों के साथ मिलकर लगातार क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं। थर्मल ड्रोन कैमरों, डॉग स्क्वॉड और अन्य उन्नत उपकरणों की मदद से तेंदुए का पता लगाने और उसे पकड़ने का अभियान जारी है। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय निवासियों में सुरक्षा और एहतियाती उपायों के बारे में जागरूकता भी फैलाई जा रही है। इस बीच, वन विभाग, भारतीय वायु सेना (आईएएफ) कर्मियों और आरईएसक्यू चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों की एक संयुक्त टीम ने पुणे हवाई अड्डे का दौरा किया, जहां पिछले सप्ताह एक तेंदुआ देखा गया था।
ठाणे जिले के सिविल अस्पताल में सोमवार को चार फुट लंबा एक सांप बचावकर्मी की पकड़ से छूटकर पुरुष वार्ड में घुस गया और बाद में एक डॉक्टर के केबिन में घुस गया, जिससे मरीज, नर्स और रिश्तेदार डर के मारे अस्पताल से बाहर भाग गए। अस्पताल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह अफरा-तफरी तब शुरू हुई जब पास की एक बस्ती के दो निवासियों को, जिन्हें विषहीन ‘धामन’ सांपों ने काट लिया था, इलाज के लिए सरकारी अस्पताल लाया गया। एक स्थानीय सांप बचाव दल, जिसने काटने वाले दोनों सांपों को पकड़ा था, उन्हें पहचान के लिए डॉक्टरों को दिखाने के लिए ले आया। अधिकारियों ने बताया कि तंबू आधारित अस्थायी अस्पताल के अंदर एक सांप उनकी पकड़ से छूट गया, जिससे वहां हड़कंप मच गया। अस्पताल प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया, “सांप अचानक (पुरुष) वार्ड क्षेत्र में घुस गया और फिर एक डॉक्टर के केबिन में चला गया। एक नर्स ने उसे देखा और मदद के लिए चिल्लाई, जिसके बाद मरीज और रिश्तेदार घबराकर बाहर भागे।” बचावकर्मी ने कुछ ही मिनटों में सांप को पकड़ लिया, जिससे आगे कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने पुष्टि की कि दोनों सांप जहरीले नहीं थे, और किसी भी कर्मचारी या मरीज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।



