Latest newsSports
‘खिलाड़ियों और कोच पर निशाना साधने से कुछ नहीं होगा’, भारत की शर्मनाक हार के बाद बोले गौतम गंभीर

भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद कहा कि खिलाड़ियों को कोच पर निशाना साधने से कुछ नहीं होगा। भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। पिछले 13 महीने के अंदर यह दूसरी बार है जब भारत को घरेलू जमीन पर क्लीन स्वीप से हार मिली है। टीम के प्रदर्शन को लेकर प्रशंसक और क्रिकेट विशेष मुख्य रूप से गंभीर और खिलाड़ियों पर निशाना साध रहे हैं, लेकिन कोच ने अब इस पर प्रतिक्रिया दी है।
अश्विन से वाशिंगटन की तुलना को गंभीर ने बताया गलत
गंभीर ने कहा, खिलाड़ियों और कोच पर निशाना साधने से कुछ नहीं होगा। वाशिंगटन सुंदर की तुलना रविचंद्रन अश्विन से करना गलत होगा। उन्हें समय चाहिए, इसलिए तो यह बदलाव का समय है। सच्चाई है कि हमें लाल गेंद के क्रिकेट में काफी सुधार करना है। किसी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को घरेलू क्रिकेट में खेलने नहीं कहा जा सकता, यह तो उसे अपने आप करना चाहिए।
गंभीर ने कहा, खिलाड़ियों और कोच पर निशाना साधने से कुछ नहीं होगा। वाशिंगटन सुंदर की तुलना रविचंद्रन अश्विन से करना गलत होगा। उन्हें समय चाहिए, इसलिए तो यह बदलाव का समय है। सच्चाई है कि हमें लाल गेंद के क्रिकेट में काफी सुधार करना है। किसी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को घरेलू क्रिकेट में खेलने नहीं कहा जा सकता, यह तो उसे अपने आप करना चाहिए।
गंभीर के कोच रहते भारत ने गंवाए 10 टेस्ट
गंभीर के कोच रहते भारत ने 18 में से 10 टेस्ट मैच गंवाए हैं जिसमें न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले साल क्लीन स्वीप भी शामिल है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी टेस्ट में भारत को रनों के लिहाज से उसकी सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। टीम में लगातार बदलाव के कारण गंभीर की लगातार आलोचना हो रही है, विशेषकर लाल गेंद के प्रारूप में अधिक ऑलराउंडर खिलाने पर उनका विशेष ध्यान रहा है जिस कारण उन्हें निशाने पर लिया जा रहा है। गंभीर ने कहा, टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए आपको बेहद तेजतर्रार और प्रतिभाशाली क्रिकेटरों की जरूरत नहीं है। हमें सीमित कौशल वाले मजबूत व्यक्तित्व वाले खिलाड़ियों की ज़रूरत है। वे अच्छे टेस्ट क्रिकेटर बनते हैं।
गंभीर के कोच रहते भारत ने 18 में से 10 टेस्ट मैच गंवाए हैं जिसमें न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले साल क्लीन स्वीप भी शामिल है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी टेस्ट में भारत को रनों के लिहाज से उसकी सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। टीम में लगातार बदलाव के कारण गंभीर की लगातार आलोचना हो रही है, विशेषकर लाल गेंद के प्रारूप में अधिक ऑलराउंडर खिलाने पर उनका विशेष ध्यान रहा है जिस कारण उन्हें निशाने पर लिया जा रहा है। गंभीर ने कहा, टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए आपको बेहद तेजतर्रार और प्रतिभाशाली क्रिकेटरों की जरूरत नहीं है। हमें सीमित कौशल वाले मजबूत व्यक्तित्व वाले खिलाड़ियों की ज़रूरत है। वे अच्छे टेस्ट क्रिकेटर बनते हैं।



