स्पेन–भारत 2026: संस्कृति और पर्यटन के नए अध्याय की शुरुआत

सीताराम मेवाती
भारत में स्पेन के टूरिज्म ऑफिस ने अपने पर्यटन स्थलों को लोगों तक पहुंचाने के लिए कई पहल की हैं। इसी कड़ी में स्पेन–भारत डुअल ईयर 2026 की शुरुआत नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर में हुई, जहां स्पेन को फोकस कंट्री के रूप में प्रदर्शित किया गया। यह कार्यक्रम दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है, जिसमें पर्यटन को प्राथमिकता दी गई है।
यह पुस्तक मेला 10 से 18 जनवरी तक नई दिल्ली में चल रहा है और इसमें अनुमानित दो लाख आगंतुकों के आने की उम्मीद है। स्पेन टूरिज्म ऑफिस भारतीय पाठकों और संस्कृति प्रेमियों को स्पेन के विविध पर्यटन स्थलों से परिचित कराना चाहता है। इस साल के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में कम ज्ञात स्थल, भाषा पर्यटन, महिला यात्राएँ, प्रकृति पर्यटन, गॉदी वर्ष और आगामी सूर्य ग्रहण शामिल हैं।
इस अवसर पर स्पेन के संस्कृति मंत्री अर्नेस्ट उर्तासुन, लेखकों और प्रकाशकों के प्रतिनिधिमंडल, डिप्टी हेड ऑफ मिशन फ्रांसिस्को कैपोटे येरैगुई और दिल्ली के सर्वांतेस इंस्टीट्यूट की निदेशक मारिया गिल उपस्थित रहे। मेले के तीसरे दिन तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि ने भी स्पेन स्टैंड का दौरा किया और स्पेन–भारत डुअल ईयर, स्पेनिश भाषा पाठ्यक्रम और पर्यटन अवसरों की जानकारी प्राप्त की।
स्पेन स्टैंड पर प्रचार स्लोगन सम्मिलित किया गया है जो कि इस प्रकार से है “Unknown Spain: Your Next Chapter,” “Women Travelers in Spain: A Passport to Yourself,” और “Study Spanish in Spain।” सर्वांतेस के डॉन क्विक्सोटे का उद्धरण पढ़ाई, संस्कृति और यात्रा के बीच संबंध को दर्शाता है: “जो बहुत पढ़ता है और बहुत यात्रा करता है, वह बहुत देखता और जानता है।”
यह मेला स्पेन को भारतीय दर्शकों से जोड़ने का मंच प्रदान करता है और उसके सांस्कृतिक और पर्यटन अनुभवों को उजागर करता है।



