बैंकिंग को आसान बनाने के लिए बनेगी हाई लेवल कमेटी, बजट में बैंकिंग सेक्टर के लिए क्या हुए एलान?

मोदी सरकार के लगातार तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया। केंद्र सरकार ने हर क्षेत्र के साथ बैंकिंग सेक्टर में बड़ी घोषणाएं की है। वित्त मंत्री ने बताया कि विकसित भारत के लिए हाई लेवल बैंकिंग कमेटियों का निर्माण किया जाएगा। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि बैंकिंग सेक्टर का रिफॉर्म जरूरी है और खासतौर पर सरकार ने एनबीएफसी के लिए नया दृष्टिकोण तैयार किया है।
बैंकिंग क्षेत्र में सुधार बेहद अहम: वित्त मंत्री
वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार बेहद अहम हो गया है। खासतौर से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के लिए सरकार नए विजन पर कार्य कर रही है। लोकसभा में बजट भाषण में उन्होंने बताया कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली की बैलेंसशीट मजबूत है। उन्होंने कहा कि हाई लेवल कमेटी ऑन बैंकिंग फॉर डेवलप इंडिया स्थापित की जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार-आधारित विकास जारी रहेगा। विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च-स्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव पारित किया। वहीं विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमावली की व्यापक समीक्षा होगी। कॉरपोरेट बॉन्ड क्षेत्र में निधियों और डेरिवेटिव्स के लिए अवसरों पर जोर दिया जाएगा।
बॉन्ड वाली अमृत योजना जारी रहेगी
वहीं कॉरपोरेट बॉन्ड्स पर पूर्ण रिटर्न स्वैप शुरू करने का प्रस्ताव भी जारी किया। वित्त मंत्री ने कहा- बड़े शहरों में ज्यादा मूल्य के म्यूनिसिपल बॉन्ड के बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। वहीं 1000 करोड़ से अधिक के एकल बॉन्ड के लिए 100 करोड़ के प्रोत्साहन का प्रस्ताव भी बजट में रखा गया है। इसके साथ ही छोटे-मध्यम कस्बों के लिए 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड वाली अमृत योजना जारी रहेगी।



