सावधान! सीने में दर्द के साथ दिख रहे हैं ये चार लक्षण, हो सकता है हार्ट ब्लॉकेज का संकेत

आज के समय में दिल की बीमारियां दुनिया भर में मौतों का सबसे बड़ा कारण बन गई हैं और हमारे देश में भी बहुत से लोग इससे जूझ रहे हैं। हार्ट ब्लॉकेज की स्थिति तब पैदा होती है, जब हमारी धमनियों में कोलेस्ट्रॉल और फैट जैसी चीजें जमा होकर रुकावट पैदा कर देती हैं, जिससे दिल तक खून ठीक से नहीं पहुंच पाता। अक्सर लोग सीने में होने वाले दर्द को मामूली गैस या एसिडिटी मानकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन ऐसी लापरवाही जानलेवा हो सकती है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण केवल सीने के दर्द तक सीमित नहीं होते, हमारा शरीर कई अन्य सूक्ष्म संकेतों के माध्यम से भी चेतावनी देता है। अगर आपको सीने में भारीपन के साथ सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक थकान या शरीर के ऊपरी हिस्सों में दर्द महसूस हो रहा है, तो यह संकेत है कि आपके दिल की धमनियां पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं ले पा रही हैं। इन लक्षणों को समय पर पहचानना और डॉक्टर से संपर्क करना ही अचानक होने वाले हार्ट अटैक से बचने का एकमात्र तरीका है। आइए इन्हीं लक्षणों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
सांस फूलना और अत्यधिक थकान की चेतावनी
हार्ट ब्लॉकेज का एक प्रमुख लक्षण बिना किसी भारी काम के सांस फूलना है। जब धमनियां संकरी हो जाती हैं, तो दिल को शरीर में खून पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे फेफड़ों पर दबाव बढ़ता है। इसके अलावा अगर आप सामान्य गतिविधियों के बाद भी बहुत ज्यादा थकान महसूस करते हैं, तो यह संकेत है कि आपके अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त खून नहीं मिल रहा है। इसे ‘क्रोनिक फटीग’ कहा जाता है।

हार्ट ब्लॉकेज में दर्द केवल सीने के बीच में ही नहीं रहता, बल्कि यह अक्सर बाएं हाथ, कंधे, गर्दन या जबड़े तक फैलने लगता है। यह दर्द अचानक आता है और थोड़े आराम के बाद कम हो सकता है, जिसे ‘एंजाइना’ कहा जाता है। अगर यह दर्द आराम करने के बाद भी बना रहे, तो यह एक मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है, तुरंत डॉक्टर से दिखाएं। इसे कभी भी साधारण मांसपेशियों का खिंचाव समझने की भूल न करें। ब्लॉकेज के कारण जब मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह कम हो जाता है, तो व्यक्ति को अचानक चक्कर आना या सिर घूमना महसूस हो सकता है। इसके साथ ही, बिना किसी गर्मी या व्यायाम के बाद अचानक ‘ठंडा पसीना’ आना एक बहुत ही गंभीर लक्षण है। यह संकेत देता है कि आपका हृदय काफी तनाव में है। अक्सर लोग इसे कमजोरी समझ लेते हैं, लेकिन हृदय रोगों के मामले में यह ब्लॉकेज का सीधा संकेत हो सकता है। हार्ट ब्लॉकेज को साइलेंट किलर कहा जाता है, इसलिए लक्षणों के दिखने का इंतजार करने के बजाय नियमित जांच (ECG, TMT या लिपिड प्रोफाइल) करवाते रहें। अपने आहार में तेल-मसाले कम करें, रोजाना 30 मिनट पैदल चलें और तनाव को कम करने पर काम करें। ध्यान रखें लक्षणों के प्रति आपकी जागरूकता और समय पर लिया गया डॉक्टरी परामर्श ही आपके दिल को सुरक्षित रख सकता है।
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