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खराब मावा की मिठाई से इन बीमारियों का बढ़ जाता है जोखिम, ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें

 होली रंगो का त्योहार है, लेकिन साथ ही इस त्योहार पर कई तरह मिठाइयां भी खाने का चलन है। मगर अक्सर ही ऐसी खबरें देखने को मिलती हैं की बाजार में बिकने वाली मिठाईयां मिलावटी और खराब मावे से बनी हैं। बहुत से लोग अनजानें में ही इन मिठाइयों का सेवन करते हैं, जो इस खुशी के मौके को बीमारी में बदल सकती हैं। त्योहारों के सीजन में मांग बढ़ने के कारण अक्सर मुनाफाखोर सिंथेटिक दूध, डिटर्जेंट और यूरिया जैसे खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल करके नकली मावा तैयार करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित मावे का सेवन करना न सिर्फ पाचन तंत्र बिगड़ता है, बल्कि यह शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे लिवर और किडनी को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। खराब मावे में हानिकारक बैक्टीरिया जैसे ई-कोलाई पनपने लगते हैं, जो फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं। आइए इस लेख में इसी से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

मिलावटी मावा में किन केमिकल का इस्तेमाल होता है?

  • नकली मावे में सफेदी और झाग लाने के लिए डिटर्जेंट पाउडर और कास्टिक सोडा मिलाया जाता है।
  • वजन बढ़ाने और दूध को गाढ़ा दिखाने के लिए इसमें यूरिया और घटिया दर्जे का स्टार्च उपयोग होता है।
  • कई बार चिकनाई के लिए रिफाइंड तेल या जानवरों की चर्बी और खराब किस्म का ब्लॉटिंग पेपर भी पीसकर मिला दिया जाता है।
Holi 2026 Alert: How Adulterated Mava Damages Liver & Kidney and Expert Safety Tips
किन बीमारियों का जोखिम बढ़ा देता है ये नकली मावा?
  • इसके सेवन से गंभीर फूड पॉइजनिंग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
  • लंबे समय तक इन रसायनों के शरीर में जाने से कैंसर और अल्सर जैसी जानलेवा बीमारियां पनपने लगती हैं।
  • दूषित मावे में मौजूद बैक्टीरिया के कारण टाइफाइड, पीलिया और आंतों का संक्रमण भी हो सकता है।
  • जी हां यूरिया और डिटर्जेंट जैसे केमिकल सीधे किडनी के फिल्टरिंग सिस्टम को डैमेज कर सकते हैं।
  • इन टॉक्सिन्स को शरीर से बाहर निकालने के प्रयास में लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे वह भी खराब हो सकता है।
  • अधिक रसायनों के कारण खून में टॉक्सिन्स बढ़ जाती है, जो पूरे शरीर के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ देती है।
  • मिठाई खाने के 2-6 घंटे के भीतर तेज मरोड़ के साथ पेट दर्द और लगातार उल्टी होना प्रमुख लक्षण है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
  • शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) की वजह से चक्कर आना, धुंधला दिखना और ब्लड प्रेशर का गिरना।
  • अगर त्वचा पर अचानक लाल चकत्ते या खुजली शुरू हो, तो यह केमिकल रिएक्शन का संकेत हो सकता है।
  • सावधानी बरतने के लिए क्या करें?
    • हमेशा ताजी और प्रतिष्ठित दुकानों से ही मिठाई खरीदें। कोशिश करें की घर पर बना शुद्ध मावा ही उपयोग हो।
    • मावे की शुद्धता जांचने के लिए उस पर आयोडीन की बूंदें डालें, यदि वह नीला पड़े, तो समझें मिलावट है।
    • गहरे रंगों वाली और चांदी के वर्क वाली मिठाइयों से बचें क्योंकि उनमें लेड और भारी धातुएं हो सकती हैं।
    अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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