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वानखेड़े में टिकटों की मारामारी!

फैंस को लगा झटका, पूछा- जब टीमें ही तय नहीं थीं, तब कैसे बिक गईं सभी सीटें?

टी20 विश्वकप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल आज मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाना है। यह मुकाबला शुरू होने से पहले ही चर्चा में आ गया है, लेकिन वजह मैदान की पिच या खिलाड़ियों की फॉर्म नहीं बल्कि टिकटों की भारी मांग है। मुंबई के इस ऐतिहासिक मैदान में होने वाले मुकाबले के लिए टिकट पूरी तरह सोल्ड आउट हो चुके हैं। कई क्रिकेट प्रेमी अब सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं कि जब सुपर-8 के मुकाबले चल रहे थे और सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों का पता भी नहीं था, तब इतनी जल्दी टिकट कैसे बिक गईं। आईसीसी ने टी20 विश्वकप 2026 के नॉकआउट मुकाबलों के लिए टिकटों की बिक्री 24 फरवरी से शुरू कर दी थी। उस समय सुपर-8 चरण जारी था और सेमीफाइनल की तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं थी। दिलचस्प बात यह रही कि टिकट खरीदते समय फैंस को यह भी पूरी तरह पता नहीं था कि सेमीफाइनल में कौन सी टीमें पहुंचेंगी। इसके बावजूद क्रिकेट प्रेमियों ने बड़ी संख्या में टिकट खरीद लिए और कुछ ही समय में कई मुकाबलों के टिकट खत्म हो गए।

भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने पर बढ़ी दीवानगी
सुपर-8 के दौरान भारत की स्थिति भी पूरी तरह मजबूत नहीं मानी जा रही थी। दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद टीम इंडिया के सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावना पर सवाल उठने लगे थे, लेकिन जैसे ही भारत ने अंतिम चार में जगह बनाई और इंग्लैंड के साथ मुकाबला तय हुआ, फैंस में इस मैच को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। अब कई क्रिकेट प्रेमी इस हाई-वोल्टेज मुकाबले को स्टेडियम में बैठकर देखना चाहते हैं, लेकिन टिकट उपलब्ध नहीं हैं। इसी वजह से कई फैंस निराश भी नजर आ रहे हैं।

मुंबई में सितारों की मौजूदगी भी बढ़ाती है आकर्षण
वानखेड़े स्टेडियम में होने वाला यह सेमीफाइनल इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि मुंबई क्रिकेट और मनोरंजन जगत का बड़ा केंद्र है। यहां भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का मुख्यालय भी मौजूद है। इसके अलावा बॉलीवुड और खेल जगत के कई बड़े सितारे भी अक्सर ऐसे बड़े मुकाबलों में स्टेडियम में दिखाई देते हैं। ऐसे में भारत और इंग्लैंड जैसे बड़े मुकाबले को देखने के लिए न सिर्फ आम फैंस बल्कि कई सेलिब्रिटी भी उत्सुक रहते हैं। यही वजह है कि टिकटों की मांग अचानक और ज्यादा बढ़ गई। इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के कारण हाईब्रिड मॉडल लागू किया गया था। पाकिस्तान ने अपने सभी मैच श्रीलंका में खेले हैं। आईसीसी के अनुसार, अगर पाकिस्तान नॉकआउट चरण में पहुंचता तो उसका मुकाबला कोलंबो में खेला जाता। इसी कारण शुरुआत में सेमीफाइनल के वेन्यू को लेकर कुछ अनिश्चितता बनी रही थी। हालांकि यह तय था कि अगर भारत सेमीफाइनल में पहुंचा तो दूसरा सेमीफाइनल मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा, इसलिए फैंस ने पहले ही टिकट खरीदने में दिलचस्पी दिखाई। उन्हें विश्वास था कि टीम इंडिया अंतिम चार में पहुंचेगी और ऐसा ही हुआ भी।
अब जब भारत और इंग्लैंड जैसी बड़ी टीमें आमने-सामने हैं, तो मैच का रोमांच और भी बढ़ गया है। लेकिन जिन क्रिकेट प्रेमियों ने पहले टिकट नहीं खरीदे, उनके लिए स्टेडियम में बैठकर यह मुकाबला देखना लगभग नामुमकिन हो गया है। अहमदाबाद में होने वाले फाइनल में टीम इंडिया पहुंचेगी या नहीं, यह अभी तय नहीं है, लेकिन फाइनल के लिए टिकट सोल्ड आउट हो चुके हैं। वानखेड़े में 32 हजार, जबकि नरेंद्र मोदी स्टेडियम में एक लाख 30 हजार के करीब दर्शकों के बैठने की क्षमता है। इसी वजह से कई फैंस सोशल मीडिया पर अपनी निराशा भी जाहिर कर रहे हैं। उनके मुताबिक, इतने बड़े मुकाबले के लिए टिकटों का इतनी जल्दी खत्म हो जाना काफी चौंकाने वाला है। फैंस ने साथ ही मांग की कि टीम डिसाइड होने के बाद के लिए भी आईसीसी को कुछ टिकट बचाने चाहिए। फैंस ब्लैक में भी टिकट खरीदने को तैयार हैं। इससे टिकटों की कालाबाजारी को भी बढ़ावा मिलता है।

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