जिम में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले, डॉक्टर ने सुलाई ये गत्थी; ये गलती पड़ रही है भारी

हृदय रोगों के मामले दुनियाभर में तेजी से बढ़े हैं, विशेषरूप से कोरोना महामारी के बाद से इसमें तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। कम उम्र के लोग भी न सिर्फ इस जानलेवा रोग का शिकार हो रहे हैं, बल्कि इससे मौत के आंकड़े भी बढ़े हैं। आप भी अक्सर हार्ट अटैक और इससे मौत की खबरें सुनते-पढ़ते रहते होंगे, आपके मन भी ये सवाल जरूर आता होगा कि हार्ट अटैक महामारी का रूप क्यों लेता जा रहा है? माना जाता रहा है कि फिटनेस को लेकर अलर्ट रहने, नियमित व्यायाम-जिम करने वाले लोगों में हृदय रोगों का जोखिम कम होता है, पर कई मामले ऐसे भी सामने आए हैं जिनमें जिम के दौरान लोगों को हार्ट अटैक हुआ और इससे उनकी मौत हो गई। अब सवाल ये है कि फिटनेस को लेकर अलर्ट रहने वाले लोगों को हार्ट अटैक क्यों हो रहा है? इसके पीछे क्या वजह हो सकती है? आइए डॉक्टर से इसके कारणों को समझते हैं।
वर्कआउट के दौरान हार्ट अटैक

अब सवाल उठता है कि फिर नियमित व्यायाम करने वालों में हार्ट अटैक के मामले क्यों बढ़ रहे हैं? डॉ रवि प्रकाश कहते हैं, जिम जाने वालों में दिल के दौरे की घटनाओं के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी तो इसका एक प्रमुख कारण है ही साथ ही बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्हें पहले से अपने हार्ट हेल्थ की सही जानकारी नहीं होती है। ऐसे में कुछ स्थितियां आपके समस्याओं को ट्रिगर कर देती हैं, जिसके कारण हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। डॉ रवि प्रकाश बताते हैं, जिम हो या स्विमिंग या कोई भी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स यहां पर एडमिशन लेने से पहले मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जमा कराया जाता है, यह नियम हर जगह है। हालांकि अक्सर छोटे सेंटर्स या जिम वाले और वहां एडमिशन लेने वाले दोनों ही इसको अनदेखा कर देते हैं। इस छोटी सी गलती के चलते पता ही नहीं चल पाता है कि आपका हार्ट, एक्सरसाइज के दबाव को झेलने के लिए तैयार है या नहीं? आदर्श रूप से जिम जाने से पहले ईसीजी-इको टेस्ट, सामान्य खून की जांच, ब्लड प्रेशर-कोलेस्ट्रॉल टेस्ट जरूर करा लेना चाहिए। इससे हृदय की सेहत का अंदाजा लगाना आसान हो जाता है। अगर इनमें से कोई भी टेस्ट ठीक नहीं है तो जिम में तीव्र स्तर के व्यायाम करने से बचाना चाहिए।
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