अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड कर रहा हड्डियों को कमजोर, हिप फ्रैक्चर का खतरा; कई गंभीर बीमारियों का भी बन रहा कारण

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन हड्डियों के लिए नुकसानदेह है। 1.6 लाख से अधिक लोगों पर किए गए अध्ययन में सामने आया है कि ऐसे खाद्य पदार्थों का ज्यादा सेवन हड्डियों में बोन मिनरल डेंसिटी को घटाता है और इससे कूल्हे की हड्डी टूटने यानी हिप फ्रैक्चर का खतरा करीब 10.5 फीसदी तक बढ़ जाता है। रोजमर्रा की थाली में बढ़ती अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की हिस्सेदारी इसकी मुख्य वजह है। फ्लेवर्ड दही, फ्रोजन पिज्जा, ब्रेकफास्ट सीरियल और इंस्टेंट ओट्स जैसे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ तेजी से लोगों के दैनिक आहार का हिस्सा बनते जा रहे हैं। इन्हें तैयार करना आसान होता है, ये जल्दी उपलब्ध हो जाते हैं और कई बार अपेक्षाकृत सस्ते भी होते हैं। यही वजह है कि व्यस्त जीवनशैली में लोग तेजी से इन पर निर्भर होते जा रहे हैं। हाल के वर्षों में कई शोध यह चेतावनी दे चुके हैं कि ऐसे खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन मधुमेह, हृदय रोग और कुछ मामलों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकता है। अब नए अध्ययन से संकेत मिला है कि इनका असर हड्डियों की सेहत पर भी पड़ता है। अमेरिका के तुलाने विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन में यूके बायोबैंक डेटाबेस से जुड़े 1.6 लाख से अधिक लोगों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इस शोध के नतीजे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका द ब्रिटिश जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित हुए हैं।



