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‘भारत को देना चाहिए था ईरान का साथ, लेकिन पीएम मोदी ने विरोध तक नहीं जताया’, बोले राज ठाकरे

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने ईरान युद्ध को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। राज ठाकरे ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हमले के बाद भारत को तेहरान का समर्थन करना चाहिए था, लेकिन पीएम मोदी की ओर से कोई विरोध दर्ज नहीं कराया गया, जिसका असर भविष्य में पड़ सकता है। गुड़ी पड़वा रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि ईरान ने लंबे समय तक भारत का साथ दिया है, यहां तक कि कश्मीर मुद्दे पर भी वैश्विक स्तर पर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने भारत को रुपये में तेल उपलब्ध कराया, लेकिन जब ईरान संकट में था, तब भारत की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। उनके मुताबिक, ‘यह भविष्य में हमें जरूर नुकसान पहुंचाएगा।’

सीएम फडणवीस पर भी साधा निशाना
राज ठाकरे ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को तीन ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने की बात करते हैं, जबकि राज्य पर 11 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। उन्होंने दावा किया कि जब पृथ्वीराज चव्हाण मुख्यमंत्री थे, तब यह कर्ज दो लाख करोड़ रुपये था। एमएनएस प्रमुख ने इस मौके पर एक वेबसाइट भी लॉन्च की, जिसके जरिए लोग महाराष्ट्र के विकास के लिए सुझाव दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि उपयोगी सुझावों को विशेषज्ञों के पास भेजा जाएगा और जांच के बाद सरकार के साथ साझा किया जाएगा। ठाकरे ने उम्मीद जताई कि उनकी पार्टी, जो 20 साल पूरे कर रही है, सत्ता में आएगी और महाराष्ट्र की खोई हुई पहचान वापस लाएगी।
रसोई गैस संकट पर क्या बोले राज ठाकरे?
पश्चिम एशिया संकट के बीच रसोई गैस की कमी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लोग इन मुद्दों से ध्यान हटाकर आईपीएल, फिल्मों और सोशल मीडिया में व्यस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दुनिया भर की सरकारें चाहती हैं कि लोग ऐसे ही व्यस्त रहें, ताकि वे सवाल न पूछें। ठाकरे ने राज्य में बढ़ती समस्याओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शहरों में अव्यवस्थित निर्माण और बिना योजना के अनुमति दी जा रही है, जिससे स्थिति बिगड़ रही है। उन्होंने ट्रैफिक जाम का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से बातचीत की है। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में तीन बार कर्ज माफी की घोषणा के बावजूद किसानों की आत्महत्याओं के मामले सबसे अधिक हैं। ‘मराठी माणूस’ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कोस्टल रोड जैसी परियोजनाएं बाहरी लोगों के लिए बनाई जा रही हैं, जबकि स्थानीय लोगों को पीछे धकेला जा रहा है।

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