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बिजली बिल पर नाम बदलने के बहाने बुजुर्ग से 25 लाख की ठगी ; महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र समाप्त

महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र बुधवार को समाप्त हो गया। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने राज्य विधानसभा के दोनों सदनों को स्थगित कर दिया है। यह बजट सत्र लगभग छह हफ्तों तक चला। इस सत्र की शुरुआत 23 फरवरी को हुई थी। इस दौरान ‘महाराष्ट्र धर्म की आजादी बिल’ जैसे कई महत्वपूर्ण विधेयक पास किए गए। विधानसभा में स्पीकर राहुल नार्वेकर और विधान परिषद में चेयरमैन राम शिंदे ने सदन को स्थगित करने का आदेश पढ़कर सुनाया। अब महाराष्ट्र विधानसभा का अगला सत्र 22 जून से शुरू होगा।
बिजली बिल का नाम बदलने के बहाने बुजुर्ग महिला से 25 लाख की ठगी
मुंबई के अंधेरी इलाके में रहने वाली 78 साल की एक बुजुर्ग महिला ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गई। ठग ने बिजली बिल पर नाम बदलने के बहाने उनके बैंक खाते से 25 लाख रुपये से ज्यादा निकाल लिए। यह घटना तब हुई जब महिला केरल में अपने रिश्तेदारों से मिलने गई थी। महिला ने 10 मार्च को बिजली बिल में नाम बदलवाने के लिए अर्जी दी थी। अगले दिन उन्हें एक व्हाट्सएप कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को बिजली कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने नाम बदलने की फीस के तौर पर सिर्फ 13 रुपये मांगे। इसके बाद ठग ने ई-केवाईसी पूरा करने के नाम पर महिला के व्हाट्सएप पर एक फाइल भेजी। महिला ने जैसे ही वह फाइल डाउनलोड की, ठग को उनके मोबाइल फोन का पूरा कंट्रोल मिल गया। इसके बाद ठग ने महिला से क्रेडिट कार्ड की जानकारी और पासवर्ड मांगा। कुछ ही देर में उनके खातों से 25 लाख रुपये से ज्यादा कट गए। ठगी का अहसास होने पर महिला ने तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर जानकारी दी। 21 मार्च को मुंबई वापस आने के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुंबई के अंधेरी इलाके में रहने वाली 78 साल की एक बुजुर्ग महिला ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गई। ठग ने बिजली बिल पर नाम बदलने के बहाने उनके बैंक खाते से 25 लाख रुपये से ज्यादा निकाल लिए। यह घटना तब हुई जब महिला केरल में अपने रिश्तेदारों से मिलने गई थी। महिला ने 10 मार्च को बिजली बिल में नाम बदलवाने के लिए अर्जी दी थी। अगले दिन उन्हें एक व्हाट्सएप कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को बिजली कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने नाम बदलने की फीस के तौर पर सिर्फ 13 रुपये मांगे। इसके बाद ठग ने ई-केवाईसी पूरा करने के नाम पर महिला के व्हाट्सएप पर एक फाइल भेजी। महिला ने जैसे ही वह फाइल डाउनलोड की, ठग को उनके मोबाइल फोन का पूरा कंट्रोल मिल गया। इसके बाद ठग ने महिला से क्रेडिट कार्ड की जानकारी और पासवर्ड मांगा। कुछ ही देर में उनके खातों से 25 लाख रुपये से ज्यादा कट गए। ठगी का अहसास होने पर महिला ने तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर जानकारी दी। 21 मार्च को मुंबई वापस आने के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुणे जमीन घोटाला: 13 गंभीर मामलों में अधिकारी छुट्टी पर भेजे गए, पूरे राज्य में होगी जांच
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रकांत बावनकुले ने बुधवार को विधान परिषद में बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुणे में जमीन से जुड़े 424 आदेशों में भारी गड़बड़ी मिली है। नासिक संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति ने पिछले पांच वर्षों के आदेशों की जांच की। समिति ने कुल 38,027 मामलों की शुरुआती जांच की थी। इनमें से 2,337 मामलों के दस्तावेज मिले, जिनमें से 424 आदेश अवैध तरीके से पास किए गए थे। इन गड़बड़ियों को गंभीरता के आधार पर तीन श्रेणियों (A, B और C) में बांटा गया है। सबसे गंभीर ‘ए’ श्रेणी के 13 मामलों से जुड़े अधिकारियों को तुरंत अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया गया है। सरकार इन पर कानूनी राय लेने के बाद निलंबन और आपराधिक कार्रवाई करेगी। जिन अधिकारियों ने 30 से ज्यादा मामलों में गड़बड़ी की है, उन्हें तुरंत सस्पेंड किया जाएगा। ‘बी’ श्रेणी के दोषी अधिकारियों का पुणे विभाग से बाहर तबादला होगा। सरकार ने अगले छह महीनों में इन सभी अवैध आदेशों की समीक्षा करने और जमीन की पुरानी स्थिति बहाल करने का फैसला लिया है। अब पूरे राज्य में ऐसी जांच के लिए समितियां बनेंगी जो छह महीने में रिपोर्ट देंगी। भविष्य में कानून के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए मानसून सत्र में एक नया बिल भी लाया जाएगा।
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रकांत बावनकुले ने बुधवार को विधान परिषद में बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुणे में जमीन से जुड़े 424 आदेशों में भारी गड़बड़ी मिली है। नासिक संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति ने पिछले पांच वर्षों के आदेशों की जांच की। समिति ने कुल 38,027 मामलों की शुरुआती जांच की थी। इनमें से 2,337 मामलों के दस्तावेज मिले, जिनमें से 424 आदेश अवैध तरीके से पास किए गए थे। इन गड़बड़ियों को गंभीरता के आधार पर तीन श्रेणियों (A, B और C) में बांटा गया है। सबसे गंभीर ‘ए’ श्रेणी के 13 मामलों से जुड़े अधिकारियों को तुरंत अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया गया है। सरकार इन पर कानूनी राय लेने के बाद निलंबन और आपराधिक कार्रवाई करेगी। जिन अधिकारियों ने 30 से ज्यादा मामलों में गड़बड़ी की है, उन्हें तुरंत सस्पेंड किया जाएगा। ‘बी’ श्रेणी के दोषी अधिकारियों का पुणे विभाग से बाहर तबादला होगा। सरकार ने अगले छह महीनों में इन सभी अवैध आदेशों की समीक्षा करने और जमीन की पुरानी स्थिति बहाल करने का फैसला लिया है। अब पूरे राज्य में ऐसी जांच के लिए समितियां बनेंगी जो छह महीने में रिपोर्ट देंगी। भविष्य में कानून के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए मानसून सत्र में एक नया बिल भी लाया जाएगा।
महाराष्ट्र विधान परिषद ने बुधवार को एक प्रस्ताव को लागू करने का आदेश दिया, जिसमें अकोला के रहने वाले अंकुश गवांडे को पांच दिन की जेल की सजा दी गई है। अंकुश ने एक यूट्यूब चैनल पर एनसीपी विधायक अमोल मिटकरी के खिलाफ फर्जी खबर चलाई थी। इसको पांच दिन की जेल की सजा देने की सिफारिश की गई थी। सदन ने उसे बुधवार को पेश होकर माफी मांगने का आदेश दिया था, लेकिन वह नहीं आया। इसके बाद सभापति राम शिंदे ने सजा को लागू करने का निर्देश दिया। इसी मामले में तीन अन्य पत्रकारों- गणेश सोनवाने, हर्षदा सोनवाने और अमोल नंदुरकर ने सदन में आकर माफी मांग ली। उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। मंगलवार को सदन ने प्रस्ताव पास किया था कि माफी न मांगने पर पांच दिन की जेल होगी। एक अन्य मामले में, एनसीपी (एसपी) नेता सूर्यकांत मोरे की माफी स्वीकार कर ली गई। उन्होंने सभापति और सदन के सदस्यों के खिलाफ गलत टिप्पणी की थी। इसके अलावा, सुषमा अंधारे और कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ जांच रिपोर्ट पेश करने का समय अगले सत्र तक बढ़ा दिया गया है। इन दोनों पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का मजाक उड़ाने का आरोप है।
महाराष्ट्र राज्य विधानसभा में बुधवार को भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट की गूंज रही। इसमें राज्य की सड़क परियोजनाओं में 297.97 करोड़ रुपये के अनावश्यक खर्च को उजागर किया है। राज्य में यह परियोजनाएं हाइब्रिड वार्षिकी प्रणाली (एचएएम) के तहत चलती हैं। इसमें सरकार निर्माण लागत का एक हिस्सा देती है, जबकि बाकी निजी कंपनियां निवेश करती हैं और बाद में भुगतान पाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्किल इंडिया योजना लागू करने के लिए महाराष्ट्र में दो निजी कौशल विश्वविद्यालय खोले जाएंगे। विधानमंडल के दोनों सदनों में निजी कौशल विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक पारित किया गया है। इसके तहत लातूर और पुणे में दो निजी कौशल विश्वविद्यालय खुलेंगे। इन विश्वविद्यालयों में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए 60 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेगी। महाराष्ट्र में डिजिटल, सोशल मीडिया, ईमेल, मोबाइल फोन और दूसरे डिजिटल प्लेटफार्म पर ऑनलाइन यौन प्रस्ताव अपराध माना जाएगा। इस मामले में आरोपी को तीन साल की सजा और जुर्माना हो सकता है। दो प्रावधानों में बदलाव करने वाले एक विधेयक को विधानमंडल में मंजूरी दी गई है। वहीं, एसिड अटैक पीड़िता की पहचान किसी भी रूप मे सार्वजनिक नहीं की जा सकती। सीएम देवेन्द्र ने विधान परिषद में कहा कि बिना अनुमति सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट करने, फोन पर कामुक बात करने, बिना महिला की अनुमति छूने को भी यौन अपराध माना जाएगा। साथ ही, किसी महिला की सहमति के बिना उसकी फोटो या वीडियो अपलोड या शेयर करने की धमकी देना, जिसमें नकली या मॉर्फ्ड फोटो या वीडियो शामिल हैं। अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री फैलाना या दिखाना, महिलाओं को बदनाम करने या उनके नाम या इमेज का गलत इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करना, डीपफेक, निजता का हनन जैसे यौन अपराध को रोकने के लिए कानून में प्रावधान किए गए हैं।



