महाराष्ट्र की एंटी-नक्सल यूनिट के पुलिसकर्मियों को मिलेगा मेडल; ठाणे में हिस्ट्री-शीटर गिरफ्तार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य पुलिस की विशेष नक्सल विरोधी इकाई ‘सी-60’ में सेवा देने वाले जवानों को अब मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद यह जानकारी दी। सीएम फडणवीस ने बताया कि जिन जवानों ने सी-60 बल में कम से कम तीन साल तक काम किया है, वे इस मेडल के हकदार होंगे। मुख्यमंत्री के पास गृह मंत्रालय का प्रभार भी है। उन्होंने पुलिस विभाग को एफआईआर दर्ज करने से लेकर चार्जशीट दाखिल करने तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने का भी आदेश दिया है। बैठक में पुलिस व्यवस्था में सुधार और नई तकनीक अपनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपराधियों को सजा दिलाने की दर (कनविक्शन रेट) बढ़ाएं। उन्होंने पुलिस के काम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल पर जोर दिया। फडणवीस ने कहा कि एआई की मदद से एफआईआर और चार्जशीट तैयार करने में आसानी होगी। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को सबूतों के प्रबंधन के लिए ब्लॉकचेन तकनीक अपनाने का काम सौंपा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र ने नक्सली गतिविधियों को लगभग खत्म कर दिया है। उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में शहीद हुए 244 पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद किया और उनकी सराहना की। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुए डीजी-आईजी सम्मेलन के 106 बिंदुओं पर हुई प्रगति की समीक्षा भी की गई। राज्य सरकार नए दंड कानूनों को लागू करने और पुलिस सुधारों पर तेजी से काम कर रही है। अधिकारियों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री के सामने अपनी रिपोर्ट पेश की।



